सामाजिक कुरीतियों के दायरे से निकलकर महिलाएं अब सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। इस कड़ी में दिल्ली वालों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाली कोमल चौधरी अब देश की सीमाओं की पहरेदारी करने के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं।
पहले वह राजधानी में क्लस्टर बस चला कर लाखों महिला की प्रेरणा का स्त्रोत बनी। साल 2023 में उनका चयन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में बतौर जीडी कांस्टेबल के पद पर हुआ। अब वह देश के दुश्मनों से मुकाबला करेंगी।
कोमल ने बस चलाने के साथ ही अपनी एसएसबी की तैयारी की। इसके लिए उन्होंने रोजाना 12 घंटे तक पढ़ाई की। 24 वर्षीय कोमल चौधरी राजस्थान के बाड़मेर की रहने वाली हैं।
नौकरी के साथ की तैयारी
कोमल ने बताया कि जिस इलाके से वह आती हैं, वहां महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता, लेकिन उनकी की इस सफलता के पीछे उनके फौजी पिता और दिव्यांग ताऊ की बड़ी मेहनत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने एसएसबी में कांस्टेबल के लिए आवेदन किया था।
बस चालक की नौकरी के साथ ही एसएसबी का शारीरिक व लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कड़ी मेहनत करती रही। कोमल ने बताया कि पिता के आफिस में अचानक एक व्यक्ति की तबीयत खराब हुई, तो एक महिला ने उसे चार पहिया वाहन में बैठाया और अस्पताल लेकर पहुंच गई। इस वाक्या को देख उनके पिता काफी प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी कोमल को ड्राइविंग सिखाई।