अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली महिला आयोग ने अपने-अपने क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करने वाली नारी शक्ति को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इनमें बीएसएफ महिला बाइकर, सेना की पहली महिला स्टंट राइडर, आईएनएसवी तारिणी की महिला क्रू, पहली किन्नर जज, महिला ई-रिक्शा चालक, दुनिया का चक्कर लगाने वाले क्रू का नेतृत्व करने वाली महिला समेत अन्य महिलाएं शामिल हैं।
दिल्ली महिला आयोग ने बीते 13 दिनों से चल रही महिला सुरक्षा पदयात्रा के समापन के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया। सेंट्रल पॉर्क में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मुख्य सचिव विजय देव समेत अन्य लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं किसी भी तरह से पुरुषों से कम नहीं हैं।
महिलाएं वह सब कुछ कर सकती हैं जो कि पुरुष कर सकते हैं, जैसे बाइक स्टंट करना, जहाज उड़ाना। उन्होंने कहा कि कानून व व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना जरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद महिलाआें के लिए उन्होंने कहा कि यह महिलाएं हजारों लोगों के लिए मिसाल हैं। यह पुरस्कार उन पुरुषों के लिए भी समर्पित है, जिन्होंने इन महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में समर्थन दिया।
कार्यक्रम में देश की पहली किन्नर जज जोयिता मोंडल, भारतीय सेना की डेयरडेविल मोटरसाइकिल टीम का हिस्सा बनने वाली पहली महिला ऑफिसर कैप्टन शिखा सुरभि, पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाने वाली महिला क्रू बोट का नेतृत्व करने वाली लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी, 54 वर्षीय महिला ई-रिक्शा चालक पूनम, बोन डिसऑर्डर के कारण माता-पिता द्वारा त्यागी गई आईआरएस अफसर उस्समुल खेर, 1400 से ज्यादा अनाथ बच्चों की मां सिंधुताई समेत अन्य महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मूक-बधिर अंतरराष्ट्रीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी एवं अन्य को पुरस्कृत किया गया।