अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर शनिवार को नेशनल आर्ट गैलरी ऑफ मॉर्डन ऑर्ट (एनजीएमए) में संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस मौके पर कलाकार अपर्णा कौर और हर्षवर्धन शर्मा के साथ संग्रहालय के महत्व और जरूरत के विषय पर संवाद किया गया।
कार्यक्रम में युवाओं को बताया कि इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम (आईसीओएम) द्वारा 1977 में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की शुरूआत की गई। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को संग्रहालय के महत्व के बारे में समझाना और संग्रहालयों से जोड़ना था। हर वर्ष इस दिन को मनाने के लिए आईसीओएम द्वारा थीम रखी जाती है। इस बार म्यूजियम एस कल्चुरल हब फ्यूचर ऑफ ट्रैडिशन थीम रखी गई।
इस मौके पर एनजीएमए की महानिदेशक अद्विता चरण गरंयांक ने अपर्णा कौर और हर्षवर्धन शर्मा से संग्रहालयों के संबंध में बातचीत कीं, जिसमें युवाओं को बताया कि संग्रहालय हमारे इतिहास को वर्तमान से जोड़ते हैं और युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों व संस्कृति के इतिहास के बारे में बताते हैं। वर्तमान में हर क्षेत्र में संग्रहालयों का महत्व बढ़ता जा रहा है। संग्रहालय हमारी सभ्यता को भी दर्शाते हैं।
दूसरी ओर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में अंतरराष्ट्रीय कला केंद्र में पुरातत्व कलाकृतियों पर आधारित हिंदी नाटक ‘यक्षिणी’ का मंचन किया गया। इसमें पुरातत्व धरोहर के महत्व और इनके संरक्षण का संदेश दिया गया।