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साई हॉस्टलों में हो चुकी हैं आत्महत्या की कई घटनाएं पर अब तक हॉस्टल वार्डन की नियमित पोस्ट नहीं

Wed, 14 Nov 2018 01:21 PM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
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पालेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ के उभरते एथलीट पलिंदर चौधरी की जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के साई हॉस्टल में आत्महत्या के मामले में साई महानिदेशक नीलम कपूर ने जांच बिठा दी है। जांच का जिम्मा साई सचिव एसएस छाबड़ा को सौंपा गया है।

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छाबड़ा हॉस्टल कर्मियों, नेहरू स्टेडियम में चल रही एथलेटिक्स अकादमी के प्रशिक्षकों के अलावा हॉस्टल में मौजूद एथलीट की छोटी बहन और उनके परिजनों से बात कर अपनी रिपोर्ट महानिदेशक को सौंपेंगे। खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने युवा एथलीट के निधन पर गहरा दुख जताया है।       

साई हॉस्टल में यह आत्महत्या का पहला मामला नहीं है। पूरे देश में पिछले वर्षों के दौरान आत्महत्या की कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं। ये मामले संसद के गलियारे तक पहुंचे हैं, लेकिन हॉस्टल में इनके बचाव को लेकर अब तक उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। साई हॉस्टल में वार्डन की तैनाती को लेकर अब तक कोई नियमित पोस्ट नहीं निकाली गई है। यह जिम्मेदारी प्रशिक्षकों को निभानी पड़ती है।      
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अलेप्पी, कोलकाता में आत्महत्या उछला था मामला      

कुछ वर्ष पूर्व अलेप्पी स्थित साई वाटर स्पोट्र्स ट्रेनिंग सेंटर और कोलकाता साई सेंटर में आत्महत्या का मामला उछला था। यहां भी साई की ओर से जांच बिठाई गई थी, लेकिन जांच रिपोर्ट के बाद फिर सब कुछ शांत हो गया। पलिंदर बेहद उभरते एथलीट थे। उन्होंने 2017 की एशियाई यूथ एथलेटिक्स में रिले का गोल्ड जीता था और वल्र्ड यूथ एथलेटिक्स में देश का प्रतिनिधत्व किया था।

वह दो साल से नेहरू स्टेडियम की अकादमी में थे। उनकी सेना में नौकरी की औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं। पलिंदर जिस हॉस्टल में थे वहां सुपरवाइजर की जिम्मेदारी एक कोच निभा रहा है, जबकि हॉस्टल में कोई महिला वार्डन नहीं है। वहीं कुछ माह पूर्व तक हॉस्टल में नर्सिंग स्टाफ की भी तैनाती थी, लेकिन वर्तमान में इस तरह का कोई स्टाफ नहीं था।

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कहीं ये वजह तो नहीं

पालेंद्र चौधरी - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने आज सुबह उसे मृत घोषित कर दिया। पालेंद्र 100 और 200 मीटर दौड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। साथ ही वह 2017 में बैंकाक में हुए यूथ एशिया एथलेटिक मीट में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है।

जांच के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी आत्महत्या की वजह तलाशी जा रही है। पालेंद्र अलीगढ़ का मूल निवासी था और उसके पिता वहीं रहते हैं। बेटे के बारे में पता चलने पर वह एसजे अस्पताल पहुंच गए।

परविंदर चौधरी के पिता महेश पाल ने एएनआई को बताया कि परविंदर की उनसे बात हुई थी। उसने पिता को बताया था कि उसे पैसे चाहिए। तब उन्होंने उसे आश्वासन दिया था कि वह पैसे देंगे। परविंदर के पिता ने कहा कि मुझे नहीं पता बाद में क्या हुआ। मुझे स्टेडियम के लोगों से कोई शिकायत नहीं है।

पालेंद्र के मौत की वजह एक ओर तो पारिवारिक कलह बतायी जा रही है। वहीं कुछ सूत्रों का दावा है कि उन्होंने प्यार में नाकाम रहने पर आत्महत्या कर ली।
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