डॉक्टरों ने आज सुबह उसे मृत घोषित कर दिया। पालेंद्र 100 और 200 मीटर दौड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। साथ ही वह 2017 में बैंकाक में हुए यूथ एशिया एथलेटिक मीट में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है।
जांच के दौरान पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी आत्महत्या की वजह तलाशी जा रही है। पालेंद्र अलीगढ़ का मूल निवासी था और उसके पिता वहीं रहते हैं। बेटे के बारे में पता चलने पर वह एसजे अस्पताल पहुंच गए।
परविंदर चौधरी के पिता महेश पाल ने एएनआई को बताया कि परविंदर की उनसे बात हुई थी। उसने पिता को बताया था कि उसे पैसे चाहिए। तब उन्होंने उसे आश्वासन दिया था कि वह पैसे देंगे। परविंदर के पिता ने कहा कि मुझे नहीं पता बाद में क्या हुआ। मुझे स्टेडियम के लोगों से कोई शिकायत नहीं है।
पालेंद्र के मौत की वजह एक ओर तो पारिवारिक कलह बतायी जा रही है। वहीं कुछ सूत्रों का दावा है कि उन्होंने प्यार में नाकाम रहने पर आत्महत्या कर ली।