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ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश, एक बैंककर्मी गिरफ्तार, साथियों की तलाश

Fri, 14 Aug 2020 06:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर पश्चिम जिले की साइबर सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर ठगी करने वाले एक अन्तरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने दिल्ली में मौजूद उसके एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। उसका भाई गैंग का सरगना है और दुबई में रहता है। गिरफ्तार आरोपी एक निजी बैंक में कार्यरत है। पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। 

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जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि एक युवती ने मौर्या एंक्लेव थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवायी। शिकायत में उसने बताया कि किसी ने उसे टेलीग्राम ग्रूप पर सस्ते दाम पर एक आईफोन खरीदने का ऑफर दिया। आरोपी ने अपना पेटीएम नंबर भेजकर उसपर 17 हजार रुपये डालने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने पेटीएम नंबर पर रकम डालकर आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन आरोपी ने शिकायतकर्ता का नंबर ब्लॉक कर दिया। 

शिकायतकर्ता की शिकायत पर साइबर सेल ने जांच शुरू की। पुलिस ने पेटीएम से आरोपी का नंबर और उसका बैंक खाते की जानकारी हासिल की। इसके जरिए पुलिस विकासपुरी निवासी अजय कुमार मौर्या को गिरफ्तार कर लिया। 
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अजय ने पुलिस को बताया कि वह ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग का सदस्य है। गैंग का सरगना उसका भाई है जो दुबई में केमिकल इंजीनियर है। वह लोगों के टेलीग्राम ग्रूप पर सस्ते आईफोन का ऑफर भेजता है। शिकायतकर्ता के पेटीएम पर पैसे भेजने के बाद आरोपी उसका नंबर ब्लॉक कर देते हैं और रुपये को अजय के बैंक खाते में भेज देते हैं। जिसे अजय निकाल लेता है। 

पुलिस के अनुसार अजय एमबीए करने के बाद गुरुग्राम स्थित एचडीएफसी बैंक में बतौर टेलर के पद पर कार्यरत है। पुलिस के मुताबिक इसी तरह की ठगी की और शिकायत मिली है। जिसकी जांच की जा रही है। 

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धंधा हुआ मंदा तो ऑनलाइन बेचने लगा झपटमारी के मोबाइल

लॉक डाउन के दौरान काम मंदा होने पर झपटमारों से मोबाइल फोन लेकर उसे ऑनलाइन साइट के जरिए बेचने वाला एक इंटीरियर डेकोरेटर को द्वारका नार्थ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसके निशानदेही पर दो झपटमारों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से पुलिस ने चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि गिरफ्तार इंटीरियर डेकोरेटर की पहचान नजफगढ़ निवासी मोहम्मद अर्श(24) के रूप में हुई है जबकि झपटमारों की पहचान नजफगढ निवासी जितेंद्र(25) और मोहम्मद हुसैन(21) के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने दो मामले सुलझाने का दावा किया गया है। द्वारका के एसीपी राजेंद्र सिंह के देखरेख में द्वारका नार्थ थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह व उनकी टीम झपटमारी के मामलों की जांच कर रही थी। सर्विलांस पर रखे गए एक फोन का लोकेशन राणाजी एंक्लेव इलाके में आया। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर मोहम्मद अर्श को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो मोबाइल फोन मिले। 

पूछताछ में अर्श ने बताया कि वह दसवीं पास है और इंटीरियर डेकोरेटर का काम करता है। लॉकडाउन के दौरान उसका काम मंदा चल रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात इलाके में रहने वाले झपटमारों तारक, सलीम और जितेंद्र से हुई। उनलोगों ने भी बताया कि लॉकडाउन में झपटमारी का मोबाइल बेचने में दिक्कत हो रही है। अर्श ने कहा कि वह झपटमारी वाला मोबाइल उन्हें लाकर दें, जिसे वह ऑनलाइन बेचेगा। 

अर्श ने ओएलएक्स पर अपना अकाउंट बनाया और करीब एक दर्जन मोबाइल फोन को बेच दिया। जितेंद्र और हुसैन ने बताया कि वह नशे के आदी हैं और झपटमारी की वारदात को अंजाम देते हैं। तारक उन्हें वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक व स्कूटी मुहैया करता है। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र पर पहले से तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस गैंग के अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। 
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