अनैतिक व्यापार व्यवहार अधिनियम के मामले में हाईकोर्ट ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने अनैतिक व्यापार व्यवहार अधिनियम से जुड़े मामले में दोषी करार दी गई गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन की सजा पर अंतरिम रोक को 22 जुलाई तक बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति रेनू भटनागर की पीठ ने स्वास्थ्य के आधार पर यह राहत दी है। फिलहाल सोनू पंजाबन साकेत स्थित मेहता अस्पताल में भर्ती है। अदालत में दायर आवेदन में कहा गया था कि सोनू पंजाबन ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) से पीड़ित है, जो कैंसर के विकास की संभावना से जुड़ा है। इलाज के लिए उन्हें कुछ और समय की आवश्यकता है।
दिल्ली पुलिस ने मेडिकल दस्तावेजों की पुष्टि करते हुए एक स्थिति रिपोर्ट अदालत में पेश की। हालांकि, अतिरिक्त लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि यह इलाज एम्स में भी उपलब्ध है। न्यायिक हिरासत के दौरान सोनू पंजाबन वहीं इलाज करवा रही थीं। राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि मेडिकल सलाह के अनुसार उन्हें 26 मई को एम्स में फॉलोअप के लिए बुलाया गया था, लेकिन इसका कोई रिकार्ड अदालत में अब तक नहीं दिया गया है। इसके साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि उन्हें 21 जून को शाम पांच बजे आत्मसमर्पण करना था, लेकिन एक दिन पहले ही उन्होंने मेहता अस्पताल में भर्ती होकर अदालत के आदेश की अवहेलना की। सोनू पंजाबन को 2020 में अनैतिक व्यापार और अन्य अपराधों के तहत दोषी ठहराया गया था। उन्होंने अपने दोषसिद्धि के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की हुई है, जो फिलहाल लंबित है। कोर्ट ने पहले 19 मई को उनकी सजा पर रोक लगाई थी।