एनसीआर के यात्रियों के लिए शुक्रवार (आज) को एक बार फिर उम्मीदों की रेल चलेगी। अंतरिम बजट से भी एनसीआर को ‘ऑक्सीजन’ मिलने की उम्मीद है। यात्री तेज रफ्तार ट्रेनों की बांट जोह रहे हैं। लोकल ट्रेन को फास्ट ट्रैक, महिला स्पेशल ट्रेन की संख्या बढ़े, प्लेटफॉर्मों पर शौचालय व विश्रामालय, पानी व ट्रेनों में सफाई का भी इंतजार यात्रियों को है।
लोकल पैसेंजर यात्रियों की चाहत है कि दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-मेरठ और शहादरा-शामली को फास्ट ट्रैक मिले। इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेन दौड़ाई जाए। ताकि घर से कार्यालय व कार्यालय से घर की राह आसान हो सके। लोकल पैसेंजर यात्रियों को एमएसटी पास की दूरी बढ़ाए जाने व यात्रा भाड़ा कम करने की भी उम्मीद है। ट्रेन व स्टेशनों पर बेहतर खाना मिलने की भी उम्मीद संजोए हैं।
एनसीआर को मिले हाई-स्पीड ट्रेन
एनसीआर के यात्रियों को भी मुंबई सब अर्बन की तरह हाई-स्पीड ट्रेन चाहिए। लोकल पैसेंजर चाहते हैं कि मेल व एक्सप्रेस ट्रेन की वजह से उनकी पैसेंजर ट्रेन प्रभावित न हो।
प्लेटफॉर्म पर विश्रामालय, पानी व ट्रेन में सफाई की मांग
ठंड के दिनों में प्लेटफॉर्म पर आज भी यात्रियों को ट्रेन के इंतजार में ठिठुरना पड़ता है। विश्रामालय का बेहतर इंतजाम की आज भी यात्री बाट जोह रहे हैं। ट्रेन की कोच के सामने पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से भी शटल, पैसेंजर ट्रेन के मुसाफिरों को परेशान होना पड़ता है। लोकल ट्रेन में साफ-सफाई का इंतजाम हो। इस बजट से भी काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं।
पूर्वांचल की ज्यादा ट्रेन गाजियाबाद, साहिबाबाद स्टेशन पर भी रुके
पूर्वांचल की ट्रेन ज्यादातर नई दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशन से संचालित होती हैं। लिहाजा गाजियाबाद, साहिबाबाद, फरीदाबाद से लोगों को पूर्वांचल जाने के लिए दिल्ली आना पड़ता है। ऐसे में एनसीआर के लोगों की बराबर मांग रहती है कि दिल्ली से खुलने वाली ट्रेनों का स्टॉपेज इन स्टेशनों पर मिले।
रिंग रेल को मिले मजबूती
हर बार की तरह इस बार भी बजट से दम तोड़ती रिंग रेल की सेवा को अंतरमि बजट से ‘ऑक्सीजन’ मिलने की उम्मीद है। यदि रिंग रेल को संवारने का ऐलान किया जाता है तो दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। जाम की समस्या से निजात मिलेगा।
स्टेशनों पर समस्याएं दूर हो
दिल्ली के मुख्य स्टेशनों पर आज भी कई समस्याएं यात्रियों को परेशान करती हैं। स्टेशन के सभी इंतजाम यात्रियों की भीड़ के आगे नाकाफी साबित होते हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर प्रतीक्षालय की कमी से यात्री परेशान रहते हैं। वहीं निजामुद्दीन व पुरानी दिल्ली स्टेशन पहुंचने में लोगों को परेशानी होती है। आनंद विहार पर टिकट काउंटर को लेकर बराबर परेशानी रहती है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पार्किंग व स्वचालित सीढ़ियां न होना भी परेशानी की वजह बनती है। सराय रोहिल्ला स्टेशन पर भी सुविधाओं की कमी है। जो यात्री इंटरनेट फ्रेंडली नहीं हैं, उन्हें दस घंटे के सफर के लिए दो घंटे टिकट की लाइन में लगने की मजबूरी रहती है।
स्वास्थ्य सुविधा से भी वंचित
यात्री डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने का वादा रेलवे ने किया था। दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, साहिबाबाद समेत कई स्टेशनों के समीप इस तरह का सेंटर खुलना था। लेकिन यह योजना भी खटाई में ही है। स्टेशनों पर एंबुलेंस व ट्रेन में डॉक्टरों की सुविधा भी नहीं मिली।