काॅरिडोर को इस साल मार्च में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। साथ-साथ 8.4 किलोमीटर लंबी लाजपत नगर-साकेत जी ब्लाक मेट्रो कॉरिडोर को भी स्वीकृति मिली थी। डीएमआरसी का कहना है कि इन दोनों कॉरिडोर के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों से जमीन अधिग्रहण व वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। वर्ष 2028 तक यह कॉरिडोर बनकर तैयार होंगे।
हर दूसरे स्टेशन पर मिलेगी इंटरचेंज की सुविधा
इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक कॉरिडोर पर औसत हर दूसरे स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। ऐसे में इस कॉरिडोर की लंबाई सिर्फ 12.4 किलोमीटर होने के बावजूद मेट्रो के विभिन्न कॉरिडोर से जुड़ने के लिए यह काॅरिडोर बेहद महत्वपूर्ण होगा। इससे यात्रियों को अपनी जरूरत के हिसाब से विभिन्न इंटरचेंज स्टेशनों से मेट्रो बदलकर दूसरे कॉरिडोर की मेट्रो में सफर का अधिक विकल्प मिलेगा। इस पर कुल 10 स्टेशन होंगे इसमें से एक एलिवेटेड व नौ भूमिगत स्टेशन होंगे। इसमें इंद्रलोक, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट व इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन इंटरचेंज होंगे।
छह मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ेगी लाइन
इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो लाइन के पांच इंटरचेंज स्टेशन छह मेट्रो कॉरिडोर को इस एक लाइन से जोड़ेंगे। इंद्रलोक रेड लाइन के साथ, नबी करीम मजेंटा लाइन, दिल्ली गेट वॉयलेट लाइन व इंद्रप्रस्थ स्टेशन ब्लू लाइन के साथ इंटरचेंज स्टेशन होगा। वहीं, नई दिल्ली स्टेशन यलो लाइव व एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के वर्तमान मेट्रो स्टेशनों के साथ इंटरचेंज स्टेशन होगा।
2026 में तीन निर्माणाधीन कॉरिडोर शुरू करने की योजना
फेज-चार के तहत तीन निर्माणाधीन कॉरिडोर को 2026 में चरणबद्ध तरीके से खोलने की योजना है। इसमें जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम, मजलिस पार्क-मौजपुर और एरोसिटी-तुगलकाबाद। जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम और मजलिस पार्क-मौजपुर क्रमशः मैजेंटा और पिंक लाइन के विस्तार हैं, जबकि एरोसिटी से तुगलकाबाद नई गोल्डन लाइन है। इन तीनों कॉरिडोर की लंबाई 65 किलोमीटर है।