रेलवे यूनिट के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि 21 जनवरी 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के फूड कोर्ट एरिया से चार माह की बच्ची चोरी होने की शिकायत मिली थी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन स्टेशन पुलिस ने मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पता चला कि 16 अक्तूबर 2024 की रात इसी तरह ढाई साल का बच्चा रेलवे स्टेशन से चोरी हुआ था। इससे पूर्व 31 जुलाई 2023 को तीन साल के एक लड़के को ठीक इसी तरह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी कर लिया गया। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने इस बच्चे को बदरपुर बार्डर के पास से बरामद कर लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की ताे एक महिला बच्चे को चोरी करते हुए कैद मिली। उसके साथ 13-14 साल का एक और बच्चा था। तीनों मामलों में महिला ने रेलवे स्टेशन के बाहर से ऑटो किया और वह बदरपुर बॉर्डर टोल के पास उतरकर गायब हो गई। वर्ष 2023 और 2024 की घटना के बाद पुलिस बदरपुर बॉर्डर तक तो पहुंची, लेकिन असली आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी।
ऐसे हुई आरोपियों की पहचान
21 जनवरी 2025 की घटना के बाद पुलिस बदरपुर बॉर्डर पहुंची। सबसे पहले टीम ने उस ऑटो का पता किया जिसमें सवार होकर महिला वहां पहुंची थी। ऑटो चालक की तलाश की गई तो उससे एक मोबाइल नंबर मिला। उसके आधार पर पुलिस ने आरती नामक महिला को न्यू जनता कालोनी, सारण, फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसके पति सूरज को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने पूछताछ के बाद फर्जी वकील निम्मी की जानकारी दी। इसके बाद फर्जी डॉक्टर के बारे में पता चला। पुलिस ने निम्मी और डॉ. प्रिया को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। इनकी निशानदेही पर दो बच्चों को बरामद किया गया। 16 अक्तूबर 2024 को चोरी किया गया बच्चा लोनी गाजियाबाद में एक परिवार के पास से बरामद हुआ। वहीं 21 जनवरी को चोरी की गई बच्ची एक अन्य परिवार के पास से बरामद हुई। इसे 2.90 लाख रुपये में बेचा गया था। इन लोगों ने तीन और बच्चों के अगवा कर बेचने की बात स्वीकार की है।
आरती चुराती थी बच्चे, डॉ. प्रिया ढूंढती थी ग्राहक
आरती रेलवे स्टेशन के अलावा भीड़ वाले इलाकों से बच्चे चोरी करती थी। बच्चों को फरीदाबाद के मकान पर रखा जाता था। इसका पति सूरज आगे इसकी सूचना दे देता था। पेशे से नर्स डॉ. प्रिया एक आईवीएफ क्लीनिक पर नर्स की नौकरी करती थी। यहां उसे बेऔलाद माता-पिता मिल जाते थे। वह उनको बच्चा गोद दिलाने की बात करती थी। सूरज पैसों की बातचीत करता था। सौदेबाजी होने के बाद निम्मी डील के पेपर तैयार करती थी। निम्मी दिल्ली के 30 हजारी कोर्ट में एक वकील के पास मुंशी का काम करती है। वह खुद को वकील बताती थी।