हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को कद न बढ़ने की बीमारी से पीड़ित 17 वर्षीय छात्रा का निशुल्क इलाज करने का आदेश दिया है। अदालत ने दिल्ली सरकार को भी छात्रा के इलाज पर होने वाला खर्च का भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा फ्रूटी की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया है।
फ्रूटी ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से याचिका दायर कर एम्स और दिल्ली सरकार को निशुल्क इलाज प्रदान करने का निर्देश देने का आग्रह किया था। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि इलाज पर खर्च पर होने वाले 5 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान एम्स को करे।
अदालत ने एम्स को भी निर्देश दिया कि छात्रा से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राशि न ली जाए। अधिवक्ता अग्रवाल ने अदालत को बताया कि छात्रा हार्मोन ग्रोथ से जुड़ी बीमारी टर्नर सिंड्रोम से पीड़ित है। इस बीमारी में मरीज का कद यानी लंबाई नहीं बढ़ती है। उन्होंने न्यायालय को बताया कि छात्रा को कद बढ़ाने के लिए हर्मोन की इंजेक्शन लगाना है और वह इंजेशक्न का खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज न मिलने से छात्रा की किडनी भी खराब हो सकती है। ऐसे में केंद्र व दिल्ली सरकार को इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्देश जाए।