स्कूल कालेजों में भी लगातार अभियान चलाया जाता है, जिससे छात्र-छात्राएं जागरूक हों और वह अपने परिवार के लोगों को समझाएं। इन अभियानों के बाद भी लोग संभलने को तैयार नहीं है। गाजियाबाद रीजन के चार जिलों की स्थिति काफी खराब है।
वर्ष 2019 में गाजियाबाद में 262, बुलंदशहर में 379, गौतमबुद्धनगर में 331 और हापुड़ में 172 मौतें सड़क दुर्घटना में हुईं। यह स्थिति जागरूकता के बाद है। नए व्हीकल एक्ट के डर के कारण लोगों ने नियमों का पालन करना शुरू किया है।
लोग चालान और जुर्माने के कारण सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर चल रहे हैं। जबकि कुछ लोग कार्रवाई के बाद भी नियमों का पालन करने को तैयार नहीं है। ऐसे लोगों पर ट्रैफिक पुलिस ने भी निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है।
ये हैं जनपदवार हादसे और मौत के आंकड़े
जिला वर्ष हादसे मौत
गाजियाबाद 2018 695 288
- 2019 624 262
बुलंदशहर 2018 614 318
- 2019 626 379
गौतमबुद्घनगर 2018 684 299
- 2019 756 331
हापुड़ 2018 261 164
- 2019 236 172
रीजन के चारों जिलों की बात की जाए तो गाजियाबाद में हादसों और मौत का ग्राफ कम हुआ है। जबकि अन्य जनपदों में ग्राफ बढ़ा है। यहां अभियान के बाद लोगों में जागरूकता आई। उन्होंने यातायात नियमों का पालन किया है।
गौतमबुद्धनगर में हादसे बढ़े, बुलंदशहर में मौत
चारों जिलों में गौतमबुद्घनगर में हादसों का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2018 के सापेक्ष 2019 में 72 दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। पिछले कई वर्षों से हादसों का ग्राफ यहां बढ़ता जा रहा है। जबकि जनपद बुलंदशहर में मौत का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2018 के सापेक्ष 2019 में 43 मौतें ज्यादा हुई हैं। यह आंकड़े परिवहन विभाग के हैं।
एक्सप्रेस-वे, हाइवे पर वाहनों की स्पीड तय, कैमरे में होंगे कैद
शासन ने एक्सप्रेस-वे और हाइवे पर वाहनों के दौड़ने की स्पीड की तय कर दी है। एक्सप्रेस-वे पर चार पहिया वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ सकते हैं। जबकि हाइवे पर यह वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेंगे। इन वाहनों की स्पीड देखने के लिए एक्सप्रेस-वे और हाइवे पर जगह-जगह कैमरे लगेंगे। जिससे वाहनों की स्पीड देखी जा सकेगी।
यूपी में भी ओवर स्पीड से सबसे ज्यादा मौत
उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बात करें तो सबसे ज्यादा मौत ओवर स्पीड से हुई हैं। मोबाइल फोन का प्रयोग करने केदौरान 14 प्रतिशत, रेडलाइड क्रास के दौरान 3 प्रतिशत, गलत साइड पर ड्राइविंग 17 प्रतिशत, नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने पर 14 प्रतिशत और ओवर स्पीड से 52 प्रतिशत मौत हुई हैं। यह आंकड़े वर्ष 2018 के हैं।
जिले में यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया है। गत वर्ष केसापेक्ष हादसे कम हुए हैं। आगे भी विभाग जागरूकता अभियान जारी रहेगा, जिससे हादसों के ग्राफ में और कमी आए।-विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन