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ये उत्तर प्रदेश है साहब! यहां इंस्पेक्टर साहब हैं दारोगा के अधीन

Wed, 09 Mar 2016 07:31 PM IST
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा
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यूपी पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
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प्रदेश में शायद गौतमबुद्धनगर एक ऐसा जिला होगा, जहां इंस्पेक्टर दारोगा को रिपोर्ट करता है। सूरजपुर कोतवाली का प्रभार दारोगा दिनेश यादव को दिया गया है और यहां इंस्पेक्टर राम भवन सिंह को एसएसआई (सेकेंड अफसर) बनाया है। इस व्यवस्था के तहत इंस्पेक्टर दारोगा को रिपोर्ट करते हैं।
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कोतवाली का प्रभार इंस्पेक्टर समरजीत सिंह के पास था। एसएसपी किरण एस. ने उन्हें लाइन हाजिर कर कोतवाली का चार्ज दारोगा दिनेश यादव को दिया, जबकि वहां इंस्पेक्टर राम भवन सिंह सेकेंड अफसर थे।

कप्तान ने वरिष्ठता क्रम को नजरअंदाज करते हुए एक इंस्पेक्टर को दारोगा के आधीन तैनात कर दिया। यह व्यवस्था उसी तरह है जैसे एक एडिशनल एसपी को एसपी का बॉस बना दिया जाए।
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22 में से 9 थाने में दारोगा तैनात

- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
यूपी पुलिस के आला अधिकारी इंस्पेक्टरों की कमी का रोना रोते हुए ज्यादातर थानों का चार्ज दारोगा के हाथों में दे देते थे, मगर जिले में इंस्पेक्टरों की भरमार होने के बावजूद थानों का चार्ज दारोगाओं के हाथों में है। 

आपको जानकर हैरानी होगी कि क्राइम ब्रांच, मानवाधिकार यूनिट और पुलिस लाइन समेत कई विंग में डेढ़ दर्जन से ज्यादा इंस्पेक्टर हैं। वहीं लॉ एंड आर्डर कंट्रोल करने जैसे गंभीर मसलों को निपटाने और थाने की जिम्मेदारी संभालने के लिए एसएसपी ने दारोगाओं को इंस्पेक्टरों से बेहतर समझा है।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश प्रकाश सिंह के मुताबिक ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा, जहां इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी दारोगा को रिपोर्ट कर रहा है। इस बात का ध्यान एसएसपी को रखना चाहिए कि जब भी वरिष्ठता क्रम से समझौता किया जाएगा तो यह स्वाभाविक है कि सिस्टम फेल कर जाएगा।
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