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Delhi: आंबेडकर नगर थाने में इंस्पेक्टर ने वकीलो को बंधक बनाकर पीटा, चार पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर

Wed, 04 Mar 2026 01:36 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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दक्षिण जिले के आंबेडकर नगर थाने में तैनात पुलिसकर्मियों पर वकीलों को बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगा है। वारदात के दौरान एसीपी पर भी थाने में होने का आरोप लगा है। साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पीड़ित वकील को छुड़ाया गया। विवाद बढ़ने पर फिर दिल्ली पुलिस और वकील आमने सामने आ गए। सूचना पर दक्षिणी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त खुद मौके पर पहुंचे और मामले की फैक्ट-फाइंडिंग जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस उपायुक्त ने मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आंबेडकर नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।

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दक्षिण जिला पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक मामले की जांच के दौरान जांच अधिकारी एसआई सुनील सोमवार दोपहर दो बजे एक शख्स को उसके घर से उठाकर थाने ले आए। आरोपी शख्स के वकील उससे मिलने के लिए थाने पहुंचे। वकीलों का आरोप है कि दोपहर दो बजे से शाम करीब 7:30 बजे तक एसआई सुनील ने उन्हें थाने में इंतजार करवाया। कई बार फोन भी किया गया लेकिन उन्होंने उठाया नहीं। करीब शाम 7:40 बजे जब वह लॉकअप में बंद अपने मुवक्किल से बात कर रहे थे। इसी दौरान एसआई सुनील वहां आ गए और वकील देवराज, राहुल और सहयोगी नवनीत से बदसलूकी की। विरोध करने पर जबरन धक्का देकर थाने से बाहर किया जाने लगा। इस दौरान थाने में मौजूद एसीपी से उन्होंने एसआई सुनील की शिकायत की।

पीड़ित का आरोप है कि एसीपी ने उन्हें बाहर इंतजार करने के लिए कहा। वह बाहर इंतजार कर रहे थे, इसी दौरान इंस्पेक्टर मुनीश कुमार वहां आ गए और राहुल और देवराज से झगड़ा शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप है कि झगड़े के दौरान इंस्पेक्टर ने देवराज को आईओ के रूम में बंधक बना लिया और उसे जमकर पीटा। अन्य दोनों वकीलों को थाने से बाहर निकाल दिया। दोनों वकीलों ने साकेत कोर्ट की बार एसोसिएशन के सदस्यों को फोन किया। बार के अध्यक्ष और सचिव सदस्य वकीलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे और पुलिस उपायुक्त से पूरे मामले पर बात की। पुलिस उपायुक्त देर रात थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली।
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मामले की जांच के आदेश
पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने तुरंत मामले पर संज्ञान लिया और प्रारंभिक स्तर पर परिस्थितियों की समीक्षा की गई। मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उपायुक्त ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर मुनीश कुमार, सब-इंस्पेक्टर सुनील, हेड कांस्टेबल किशन चंद सहित एक अन्य को लाइन हाजिर कर दिया।

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