अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित सीबीआई विशेष अदालत ने तीन करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर फर्जी दवा मामले की जांच प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा ने 14 जुलाई को दिए आदेश में कहा कि आरोपित पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और जांच अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में इस समय जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत ने अंतरिम जमानत की अर्जी भी खारिज कर दी।
सीबीआई के अनुसार, प्रदीप कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों ने फर्जी दवाओं के मामले में जांच प्रभावित करने के बदले एन राजा उर्फ वल्लियप्पन उर्फ राजशेखर से तीन करोड़ रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस मामले में आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत भी आरोपी हैं।एजेंसी का दावा है कि 14 मई 2026 को प्रदीप सिंह, एन राजा, राजकुमार और प्रभात कपूर ने दीपक गहलावत से मुलाकात की थी। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक करोड़ रुपये हवाला चैनल से चेन्नई से भेजे गए थे। 8 जून को 24.70 लाख रुपये प्रदीप सिंह और राजकुमार से तथा 25 लाख रुपये सिंह के घर से बरामद किए गए। बाकी 50 लाख रुपये सिंह द्वारा प्रभात कपूर को सौंपे जाने का भी आरोप है।