थाना लिंक रोड क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली महिला का पति से विवाद चल रहा था। बीते साल महिला ने लिंक रोड थाने में पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच सूर्य नगर चौकी के तत्कालीन इंचार्ज अंशुल कुमार कर रहे थे। महिला का आरोप है कि मुकदमे की जांच और कार्रवाई के बहाने दरोगा अंशुल ने उनके घर आना-जाना शुरू किया। दरोगा ने बताया कि था कि उसका भी पत्नी से विवाद चल रहा है। उसने शादी का झांसा देकर महिला से शारीरिक संबंध बनाए, बाद में शादी से इनकार कर दिया।
महिला ने बीते साल दरोगा अंशुल कुमार के खिलाफ लिंक रोड थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का कहना है कि दरोगा अंशुल ने गलती मान ली और शादी करने का भरोसा दिलाकर फिर झांसे में फंसा लिया। उसने निलाया ग्रीन सोसायटी में फ्लैट किराए पर लेकर पत्नी की तरह उस फ्लैट पर रखा। इसके बाद दरोगा और वकील ने भरोसा दिलाकर उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर ले लिया। इसके बाद कोर्ट में 164 के बयान बदलवा दिए और दुष्कर्म के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगवा दी। आरोप है कि दरोगा अंशुल और उसका साथी अधिवक्ता उसे यह कहकर कोर्ट ले गए थे कि अंशुल के तलाक के मुकदमे में पेश होना है।
श्रद्धा और आफताब केस की मिसाल देकर डराया
महिला का कहना है कि उसने मारपीट का विरोध किया और शादी करने का दबाव बनाया तो दरोगा ने उसे दिल्ली में हुए श्रद्धा और आफताब केस का किस्सा सुनाकर धमकाया। उसने कहा कि जिस तरह आफताब ने श्रद्धा के टुकड़े कर दिए थे, उसी तरह वह उसे मार देगा। 20 दिसंबर 2022 से दरोगा ने फ्लैट पर आना-जाना बंद कर दिया और शादी करने से साफ इनकार कर दिया।
बीते साल दर्ज हुए दुष्कर्म के केस में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी, लेकिन महिला ने शिकायत की है कि उसके बाद भी दरोगा ने शादी का झांसा दिया और अलग फ्लैट किराए पर साथ रहा और शारीरिक शोषण किया। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। इसके आधार पर दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई की जाएगी। -दिनेश कुमार पी, अपर पुलिस आयुक्त