दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के पूर्व नेता वरुण जांगड़ा की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। मंगलवार को पुलिस ने हत्या के आरोप में वरुण के पांच परिचितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि वरुण आरोपियों को विवादित प्रॉपर्टी से आने वाले मुनाफे में से हिस्सा नहीं देता था।
इससे नाराज आरोपियों ने वरुण की गोली मारकर हत्या करके शव बहादुरगढ़, हरियाणा में फेंक दिया था। दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी सुमन गोयल के अनुसार, विकास व उसके साथियों ने 6 अक्तूबर को सैनिक एंक्लेव स्थित कार्यालय से वरुण का अपहरण करके गोली मारकर हत्या की थी।
इसके बाद शव बहादुरगढ़ के सिद्धिपुरा लोवा गांव के समीप खेतों में फेंक दिया था। हत्या का मामला दर्ज करके नजफगढ़ थाना पुलिस ने तफ्तीश के बाद सोनम कुमार, विकास दलाल, नवीन डागर उर्फ भोला, नवीन डागर उर्फ काला और नवीन डागर उर्फ लंडा को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो पिस्टल, तीन कट्टे और 10 कारतूस मिले हैं। सोनम, विकास और भोला पर भूमि हड़पने, डकैती और लूटपाट के मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपियों ने बताया कि वे वरुण के साथ प्रॉपर्टी का व्यवसाय करते थे। वरुण मुनाफे में हिस्सा नहीं देता था। कुछ दिन पहले वरुण ने मुनाफे के 16 लाख रुपये हड़प लिए थे।
अपहरण व हत्या की इस वारदात में सोनम व विकास की मुख्य भूमिका थी। नजफगढ़ निवासी सोनम के पिता भूतपूर्व सैनिक हैं। गौरतलब है कि वरुण वर्ष 2012 में इनेलो से नजफगढ़ का उपाध्यक्ष था। बाद में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गया और दिल्ली विधानसभा चुनाव भी लड़ा जिसमें हार मिली थी।