राजधानी में शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। सड़क हादसे में घायल एक युवक 14 घंटे तक फुटपाथ पर तड़पता रहा, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।
हालांकि एक शख्स मदद के लिए उसके पास आया भी, लेकिन वह मदद करने की बजाय उसका बैग लेकर फरार हो गया। बैग में मोबाइल फोन व 15 हजार रुपये थे।
अगले दिन सुबह किसी राहगीर की नजर जब उस पर पड़ी, तो उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने पीड़ित को सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है।
पैदल ही कश्मीरी गेट बस अड्डा जा रहा था
पुलिस के अनुसार, घटना 15 अगस्त की शाम की है। घायल युवक की पहचान गांव भजवाड़ा बिजनौर (उत्तर प्रदेश) निवासी नरेंद्र (26) के रूप में हुई है। वह जयपुर की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में बतौर ड्राइवर काम करता है।
15 अगस्त को वह जयपुर से दिल्ली पहुंचा और यहां से बिजनौर जाने के लिए पैदल ही कश्मीरी गेट बस अड्डा जा रहा था। रिंग रोड पर मोनेस्ट्री मार्केट के पास एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी।
टक्कर लगने से उसके कूल्हे और कमर में गंभीर चोटें लगीं। घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक फरार हो गया। वह फुटपाथ पर दर्द से कराह रहा था, लेकिन उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।
मोबाइल और करीब 15 हजार रुपये चुराए
अगले दिन सुबह साढ़े आठ बजे किसी राहगीर ने उसे देखा। उसने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस के मुताबिक, नरेंद्र को रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है, जिसकी वजह से वह चल नहीं पा रहा था। पुलिस के अनुसार, नरेंद्र जिस जगह पर गिरा था, वहां अकसर नशेड़ी पड़े होते हैं।
पुलिस के मुताबिक, लोगों ने नशेड़ी समझकर उसकी मदद नहीं की होगी। वहीं नरेंद्र के भाई राजकुमार ने बताया कि नरेंद्र के बेटे का 16 अगस्त को जन्मदिन था, इसलिए वह जयपुर से अपने घर जा रहा था।
उसने बताया कि किसी ने उसके बैग को चुरा लिया, जिसमें मोबाइल और करीब 15 हजार रुपये थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हादसे की शिकायत दर्ज करवाई गई है।