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IndiGo Crisis: 'हवाई' संकट के पांच दिन, उड़ानें ठप... उम्मीदें जाम, लोग बोले-आईजीआई बना रेलवे प्लेटफार्म

Sun, 07 Dec 2025 04:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा ज्योति सिंह, नई दिल्ली

सार

इंडिगो के संकट ने देश की पूरी परिवहन व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। 
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इंडिगो का संकट जारी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोई एग्जाम देने जा रहा था, कोई पहली बार अकेले सफर कर रहा था, कोई तीन साल की बच्ची को गोद में लेकर लाइन में खड़ा था। यह मंजर आईजीआई का है। जहां सिर्फ उड़ानें नहीं फंसीं, बल्कि लोगों की उम्मीदें भी फंस गई हैं। इन सबके बीच इंडिगो की लगातार कैंसिल फ्लाइटें और टिकटों के दाम में मनमानी करीब 120 फीसदी तक बढ़ोतरी यात्रियों की मुसीबतें और भी बढ़ा रही हैं। आलम यह है कि लोग दिल्ली की इस ठंड में कुर्सी पर रात बिताने को मजबूर हैं। इसके चलते उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। हालांकि सरकार के हस्तक्षेप के बाद प्रभावित रूट्स पर फेयर कैप लागू कर दिया। उम्मीद है कि इससे राहत मिलेगी।

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तीन साल की बच्ची के साथ यहां फंसी हूं
नागपुर के रहने वाले दंपती पूजा और उत्कर्ष दस दिन पहले किसी दफ्तर के काम से हिमाचल के कोलडैम गए थे। पांच दिसंबर को दिल्ली के लिए निकले, उन्हें नागपुर जाना था। पूजा ने बताया कि देर रात 12:55 बजे हम दिल्ली एयरपोर्ट उतरे, उसके बाद छह दिसंबर की सुबह 4:40 बजे हमारी फ्लाइट थी। थोड़ी ही देर में मैसेज आया कि फ्लाइट कैंसल हो गई है। तीन घंटे तक मैं अपनी तीन साल की बच्ची को लेकर लंबी कतार में खड़ी रही, ताकी फ्लाइट ''रिस्केड्यूल'' करवा सकूं। विकल्प भी मिला, लेकिन पति को 1 बजे और मुझे शाम के 6:45 बजे की फ्लाइट मिली। हमने मजबूरन वो भी स्वीकार कर लिया, लेकिन सुबह जानकारी मिली की पति की फ्लाइट फिर कैंसल हो गई है। और अब उन्हें 8 दिसंबर की फ्लाइट देने को कहा गया।

फ्लाइट कैंसल से बिगड़ी परीक्षा की तैयारी
अनुष्का बीकॉम की छात्रा हैं और चंडीगढ़ में उनकी परीक्षा है। उनका पूरा परिवार दो दिनों से दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहा है। अनुष्का के पिता ने बताया कि हम तिरुपति से आ रहे हैं और हमें चंडीगढ़ जाना था, लेकिन दिल्ली आने पर पता चला कि हमारी फ्लाइट कैंसल है। इसके बाद घंटों लाइन में लगकर छह दिसंबर की फ्लाइट ली, लेकिन आज पता चला वो भी कैंसल हो गई है। अब हमें लोकल बस या फिल कैब से जाना होगा। क्योंकि बेटी की परीक्षा है, उससे समझौता नहीं कर सकता। इसलिए बिना किसी अगली फ्लाइट का इंतजार किए, बस से जाने का इरादा बना लिया है।
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पत्नी की पहली फ्लाइट वो भी इस तरह से
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रहने वाले अब्दुल्ला हरियाणा के पानीपत में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी हिनूल ने त्रिचि से दिल्ली के लिए फ्लाइट ली है, लेकिन वो सात घंटे देरी से है। अब्दुल्ला ने बताया कि उनकी पत्नी ने बस से भी कभी अकेले सफर नहीं किया है। यह उनकी पहली फ्लाइट है, जो कि सात घंटे देरी से चलेगी। अब्दुल्ला ने कहा, कि मैं सुबह से बिना कुछ खाए-पिए यहीं कुर्सी पर बैठा हूं। मझे मेरी पत्नी की चिंता हो रही है, वो पैनिक हो रही होगी। उनका पहला अकेले सफर है।

रात भर कुर्सियों पर बैठे रहे, पानी तक नहीं दिया

रात भर से कुर्सी पर बैठा हूं, किसी ने पानी तक नहीं दिया। ठंड के चलते रातभर परेशानी हुई, लेकिन किसी को क्या फर्क पड़ता है। कुछ इस तरह की नाराजगी इंडिगो की फ्लाइटें कैंसल होने पर आईजीआई पर फंसे यात्रियों ने जताई। उन्होंने कहा कि देर रात भूखे पेट इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही एयरपोर्ट पर अव्यवस्था की बात की। कहा, न बैठने को पर्याप्त कुर्सी और न खाने-पीने की व्यवस्था।

महिलाएं बोलीं, छोटे बच्चों को अव्यवस्था में संभालना किसी तप से कम नहीं
अपनी तीन साल की बच्ची के साथ सफर कर रही पूजा बताती हैं कि रात बमुश्किल से गुजरी है। तीन साल की बच्ची को लेकर घंटों गुजारना किसी तप से कम नहीं। यहां आस-पास न खाने को कुछ है और न चैन से बैठने को। हमें तो लगा फ्लाइट है, रेलवे स्टेशन थोड़ी नहीं, वरना चादर लेकर आते। कम से कम मेरी बच्ची को आराम तो मिलता। इतनी ठंड में इस बच्ची को लेकर कहां जाएं। ऊपर से हमें अंदर बैठने नहीं दे रहे हैं। मेरे पति रात से बेटी के लिए खाने के लिए कुछ तलाश रहे हैं। वहीं एक और महिला हैं जो कि वाराणसी से अपने एक साल के बच्चे के साथ अकेली सफर कर रही हैं। उनके बच्चे को तेज बुखार भी है, बावजूद इसके वह दो दिनों से लगातार अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रही हैं।

12 हजार का रिफंड दो हजार दे रहे
पूजा के पति उत्कर्ष बताते हैं कि खाने-पीने और जगह के अभाव में उनकी तीन साल की बच्ची रात भर नहीं सोई। वो कहते हैं, कि टिकट कैंसल करवाकर बस से जाना भी चाहूं, तो 12 हजार का दो हजार रिफंड दे रहे हैं, यह कहा का न्याय है। वहीं दूसरी फ्लाइट करने पर यही फ्लाइट दोगुनी दाम की पड़ रही है। हम तो अधर में अटके हैं। न दूसरी टिकट खरीद सकते हैं, और न ही कैंसल करके इतना नुकसान झेल सकते हैं।
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रेलवे प्लेटफॉर्म जैसा हुआ एयरपोर्ट

इंडिगो की हालिया ऑपरेशनल विफलता और उससे जुड़ी उड़ानों की रद्दगी ने देशव्यापी ट्रैवल चेन को हिला दिया है। इस अव्यवस्था के चलते कुछ घरेलू रूटों पर टिकटों की कीमतें छलांग लगा गईं। इतनी कि अंतरराज्यीय टिकट अब अंतरराष्ट्रीय रूटों (जैसे लंदन) के रिटर्न से भी महंगे नजर आने लगे। सरकार ने मध्यस्थता करते हुए एयरलाइन पर नई पाबंदियां और रिफंड निर्देश जारी किए, पर लाखों यात्री अभी भी असहज अनुभव बता रहे हैं। इंडिगो संकट के बाद, आपदा में अवसर को तबज्जों देते हुए स्पाइसजेट और एयर इंडिया ने अपने टिकट के दामों में इजाफा कर दिया है। 5 दिसंबर को कई रूट्स पर टिकट का मूल्य सामान्य से 5 से 6 गुना अधिक था, वहीं 6 और 7 दिसंबर के लिए चुनिंदा रूट्स पर किराए में कमी दर्ज की गई है।

सरकार ने लगाया फेयर कैप
इंडिगो के फ्लाइट लगातार कैंसिल होने से देशभर में हवाई किरायों में अचानक भारी उछाल आ गया था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई रूट्स पर टिकट दाम 8-10 गुना तक पहुंच गए। इसके बाद सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूट्स पर फेयर कैप लागू कर दिया। शनिवार दोपहर केंद्र ने औपचारिक रूप से किराया सीमा तय कर दी, ताकि मौके का फायदा उठाकर बढ़ाई जा रही ‘ओपर्च्युनिस्टिक प्राइसिंग’ पर तुरंत रोक लग सके।

रूट-वाइज स्थिति में उतार-चढ़ाव-

दिल्ली–पटना
5 दिसंबर: कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं, किराए रिकॉर्ड स्तर पर।
6 दिसंबर: एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट के टिकट 24,999 से 40,483 रुपये में।
7 दिसंबर: एयर इंडिया की फ्लाइट्स का किराया घटकर 17,273 रुपये तक।

पटना–दिल्ली:
6 दिसंबर को इंडिगो की 5 फ्लाइट 19,000 से 25,000 रुपये में।
6 और 7 दिसंबर के लिए किराया 11,032 से 21,316 रुपये, संकट वाले दिनों से काफी कम।

मुंबई–पटना
6 दिसंबर को स्पाइसजेट की सीधी उड़ान 36,333 रुपये में।
7 दिसंबर को सीधी सेवा 21,109 रुपये तक सस्ती।
एक स्टॉप वाली फ्लाइट्स 42,347 से 86,733 रुपये के बीच।

बेंगलुरु–पटना
5 दिसंबर को किराया 72,000 रुपये पार कर गया था।
6 दिसंबर को इंडिगो की सीधी सेवा 11,280 और 23,040 रुपये में उपलब्ध।
7 दिसंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की सीधी फ्लाइट 24,999 रुपये में।

दिल्ली/मुंबई–दरभंगा
6 और 7 दिसंबर को दिल्ली–दरभंगा का किराया 18,785 से 24,105 रुपये।
एक स्टॉप वाली फ्लाइट्स 51,000 से 71,000 रुपये तक।
मुंबई और बेंगलुरु से दरभंगा 23,000 से 70,000 रुपये, 5 दिसंबर के 64,000 रुपये की तुलना में कुछ राहत।
क्यों हो रही हैं इतनी फ्लाइटें कैंसल?

नवंबर-दिसंबर में एयरलाइंस के लिए यह साल का सबसे व्यस्त समय माना जाता है। डीजीसीए की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि बीते एक साल में मौसम, स्टाफ की कमी और टेक्निकल खामियों की वजह से 2,900 से ज्यादा फ्लाइटें कैंसल हुईं। सिर्फ नवंबर 2024 में ही 1.2 लाख यात्रियों को फ्लाइट देरी-कैंसलेशन का सामना करना पड़ा। वहीं इस बार इंडिगो ने तकनीकी कारण और ऑपरेशनल दिक्कतें बताकर कई उड़ानें रोकी हैं, पर यात्रियों को समय पर जानकारी न मिलना सबसे बड़ी परेशानी बन रहा है।
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