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भारत का बिन लादेन सुभान कुरैशी गिरफ्तार, पुलिस ने बताया क्यों आया था दिल्ली

Mon, 22 Jan 2018 01:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अब्दुल सुभान कुरैशी - फोटो : ani
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26 जनवरी से पहले दिल्ली पुल‌िस की स्पेशल टीम ने इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक सदस्य और मोस्टवांटेड आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि कुरैशी को भारत का बिन लादेन भी कहते हैं।

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दिल्ली पुलिस ने इस मामले में की गई प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुरैशी अपने एक पुराने सहयोगी से मिलने दिल्ली आएगा। सूचना पाकर शन‌िवार रात जब पुलिस की स्पेशल टीम दिल्ली के गाजीपुर पहुंची तो एक छोटी सी मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार ‌कर लिया।

पु‌लिस ने आगे बताया कि सुभान कुरैशी ही गुजरात के अहमदाबाद में 2008 में हुए बम ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। यही नहीं उसके कुछ समय बाद सूरत में जीवित मिले बम को बिछाने का भी मास्टरमाइंड तौकीर ही था।
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हालांकि पुलिस ने यह साफ कर दिया कि कुरैशी दिल्ली में किसी वारदात को अंजाम देने नहीं बल्कि किसी से मिलने आया था। इसके बावजदू भारत का बिन लादेन कहे जाने वाले इस शख्स की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है।

एनआईए ने रखा 4 लाख का ईनाम

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने पत्रकारों को बताया कि एनआईए ने कुरैशी पर 4 लाख का इनाम रखा था। इसके साथ ही पुलिस ने ये भी बताया कि इसका बेस यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में है। ये सिमी और इंडियन मुजाहिदीन को भारत में पुनर्जीवित करने की कोशिश में लगा हुआ था।

पुलिस ने बताया कि कुरैशी ‌केरल, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र में चलने वाले सिमी के कैंप का आयोजक और प्रमुख था। सिमी के इन कैम्पों में ट्रेनिंग लेने वाले काडरों को आर्म्स ट्रेनिंग, भारत के ‌खिलाफ जिहाद की ट्रेनिंग, ट्रैकिंग, शारिरीक ट्रेनिंग, अपने प्लान को अंजाम देते वक्त अगर कोई मर जाए तो क्या करना है और अगर पकड़े जाएं तो पूछताछ करने वालों को कैसे गुमराह करना है ‌इसकी भी ट्रेनिंग दी जाती थी।
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कई सालों से नेपाल रह रहा था सुभान और की थी ये पढ़ाई

abul subhan qureshi - फोटो : सोशल मीड‌िया
पुल‌िस ने बताया क‌ि इंदौर से जब कुरैशी के सा‌थ‌ियों की धर पकड़ शुरू हुई तो ये गुजरात भाग गया था। फ‌िर यह पुणे भी गया जहां ये र‌ियास भटकल और इकबाल भटकल से म‌िला। वहां यह 2010 में ब्लास्ट के ल‌िए गया था और इसके ल‌‌िए लॉज‌िस्ट‌िक उपलब्ध कराने का काम क‌िया।
 
इसके बाद यह रूसोल बॉर्डर से नेपाल भाग गया जहां कई साल तक नकली दस्तावेज बनवाकर रहा। नेपाल से 2013 में यह साऊदी अरब भी गया।

अंग्रेजी माध्यम से पढ़ा-ल‌िखा सॉफ्टवेयर इंजीन‌ियर है कुरैशी 
पु‌ल‌िस ने बताया क‌ि कुरैशी की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से हुई है। वह एक बड़ी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीन‌ियर भी रह चुका है। वह भारत में हुए कई बड़े ब्लास्ट का मास्टरमाइंड भी है।

क्या-क्या बरामद हुआ
कुरैशी के पास से प‌िस्टल, कारतूस और कई दस्तावेज बरामद हुए हैं ज‌िनकी जांच द‌िल्ली पुल‌‌िस कर रही है।
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