स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने पत्रकारों को बताया कि एनआईए ने कुरैशी पर 4 लाख का इनाम रखा था। इसके साथ ही पुलिस ने ये भी बताया कि इसका बेस यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में है। ये सिमी और इंडियन मुजाहिदीन को भारत में पुनर्जीवित करने की कोशिश में लगा हुआ था।
पुलिस ने बताया कि कुरैशी केरल, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र में चलने वाले सिमी के कैंप का आयोजक और प्रमुख था। सिमी के इन कैम्पों में ट्रेनिंग लेने वाले काडरों को आर्म्स ट्रेनिंग, भारत के खिलाफ जिहाद की ट्रेनिंग, ट्रैकिंग, शारिरीक ट्रेनिंग, अपने प्लान को अंजाम देते वक्त अगर कोई मर जाए तो क्या करना है और अगर पकड़े जाएं तो पूछताछ करने वालों को कैसे गुमराह करना है इसकी भी ट्रेनिंग दी जाती थी।
पुलिस ने बताया कि इंदौर से जब कुरैशी के साथियों की धर पकड़ शुरू हुई तो ये गुजरात भाग गया था। फिर यह पुणे भी गया जहां ये रियास भटकल और इकबाल भटकल से मिला। वहां यह 2010 में ब्लास्ट के लिए गया था और इसके लिए लॉजिस्टिक उपलब्ध कराने का काम किया।
इसके बाद यह रूसोल बॉर्डर से नेपाल भाग गया जहां कई साल तक नकली दस्तावेज बनवाकर रहा। नेपाल से 2013 में यह साऊदी अरब भी गया।
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ा-लिखा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है कुरैशी
पुलिस ने बताया कि कुरैशी की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से हुई है। वह एक बड़ी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी रह चुका है। वह भारत में हुए कई बड़े ब्लास्ट का मास्टरमाइंड भी है।
क्या-क्या बरामद हुआ
कुरैशी के पास से पिस्टल, कारतूस और कई दस्तावेज बरामद हुए हैं जिनकी जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।