आरोपी ने बताया कि दिसंबर 2018 में मीनू से उसकी दोस्ती एक ऐप के जरिये हुई थी। दोनों फोन पर लगातार बातचीत करने लगे। दिनेश मीनू से मिलने जयपुर से दिल्ली आता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कुल आठ बार मीनू से मिलने दिल्ली आया। बृहस्पतिवार को पूरी योजना बनाकर मीनू की हत्या के लिए पहुंचा था। मीनू ने फोन पर बताया था कि उसके घर पर कोई नहीं है। दिनेश दिल्ली पहुंचा और रात को मीनू के साथ डिनर किया। देर रात दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पी। मीनू को नशा हो गया तो उसने तकिये की मदद से मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी। बाद में घर में रखा 52 लाख का माल और मीनू का मोबाइल लूटकर शुक्रवार तड़के फरार हो गया।
राजस्थान में आरोपी पर हेराफेरी के कई मामले
छानबीन में पुलिस को पता चला है कि दिनेश दीक्षित शुरू में प्रॉपर्टी डीलर था। उसके खिलाफ राजस्थान में हेराफेरी के कई मामले दर्ज हैं। 2015 में वह ठगी के एक मामले में जेल में गया था। करीब चार साल जेल में बिताने के बाद वह बाहर आया। इसके बाद वह डॉग ब्रीडिंग कराने लगा। वह आईपीएल मैचों में सट्टे के अलावा अन्य गैरकानूनी धंधों में लिप्त हो गया। सट्टे में भारी नुकसान होने के बाद उसने महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें लूटने की योजना बनाई। इसी कड़ी में उसकी पहचान मीनू से हुई। जल्द ही उसे पता चल गया कि मीनू के पास मोटी दौलत है। इसी वजह से आरोपी लगातार उसके संपर्क में रहा। मौका लगते ही उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
रंगीन मिजाज है आरोपी दिनेश दीक्षित
प्रॉपर्टी और डॉग ब्रिडिंग करने वाला आरोपी दिनेश दीक्षित शुरू से ही रंगीन मिजाज रहा है। मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी मूलरूप से राजस्थान के सीकर स्थित रामगढ़ का रहने वाला है। दिनेश ने दो शादी की हुई है। इसके पांच बच्चे हैं। इसके पिता आरएल दीक्षित सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थे। वहां से सेवानिवृत होने के बाद इसके पिता ने रामगढ़ में ही अपनी प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं। इसका बेटा राहुल भी अपने दादा के साथ क्लीनिक पर बैठता है, जबकि एक दिनेश का एक बेटा उसके साथ जयपुर में ही रहता है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के अलावा एक हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है। पुलिस दिनेश से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।