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Kashmir Attack : पाकिस्तान के खिलाफ गुप्त कार्रवाई पर विचार कर रहा है भारत, विश्व समुदाय को राजी करने की कवायद

Sat, 26 Apr 2025 05:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा गुंजन कुमार, नई दिल्ली

सार

भारत विश्व समुदाय को इस बात पर राजी कर रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उसका अधिकार है। लिहाजा वह परंपरागत जंग में उलझे बिना अपने अधिकार का उपयोग करेगा।
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आतंकी हमले का देश-दुनिया में जमकर विरोध हो रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान को सख्त सबक सिखाने के लिए सीधी जंग से इतर गुप्त कार्रवाई (कोवर्ट ऑपरेशन) पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। इसका स्तर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक से बड़ा और पाकिस्तान की कल्पना से परे होगा।

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भारत विश्व समुदाय को इस बात पर राजी कर रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उसका अधिकार है। लिहाजा वह परंपरागत जंग में उलझे बिना अपने अधिकार का उपयोग करेगा। अगर पाकिस्तान भारत के इस कदम को जंग में बदलता है तो भी उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए तीनों सेनाएं एक साथ कार्रवाई करेंगी।

थल सेना के पूर्व प्रमुख और कारगिल युद्ध की अगुवाई करने वाले जनरल (सेवानिवृत्त) वीपी मलिक ने कहा है कि भारत ने अब तक गुप्त कार्रवाई के विकल्प को नहीं आजमाया है। यह मौजूदा माहौल में काफी कारगर हो सकता है। जनरल मलिक के मुताबिक, अंतिम फैसला सरकार लेगी लेकिन अगर पाकिस्तान कोई दुस्साहस करता है तो सेना के तीनों अंगों को तालमेल के साथ हरकत में आना होगा। 
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सेना के उच्चपदस्थ सूत्र के मुताबिक, इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सेना की कमान संभालने से पहले वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख थे। पठानकोट हमला उन्हीं के दिमाग की उपज थी। अब उनके इरादे कश्मीर और पूरे भारत में आतंकवाद को धर्म का रंग देने का है। यह वक्त है कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ खुली जंग से बचते हुए ऐसी कार्रवाई करे जो उसके लिए बड़ा सबक हो।

पाकिस्तान के साथ खड़ा हो सकता है चीन
सूत्रों के मुताबिक, विश्व समुदाय के ज्यादातर सभी देश भारत के साथ हैं लेकिन चीन की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न ही उस पर आंख मूंद कर भरोसा किया जा सकता है। गुप्त कार्रवाई की प्रतिक्रिया में अगर पाकिस्तान जंग छेड़ता है तो संभव है चीन उसके पक्ष में खड़ा होगा।

सूत्र के मुताबिक, चीन सीमा पर अभी सक्रिय है और भारत की फौज का बड़ा हिस्सा वहां तैनात है। ऐसे में अगर दोनों फ्रंट खुलते हैं तो भू-राजनीति के कई नए समीकरण उभरने का अंदेशा है। चीन फिलहाल अमेरिका के साथ टैरिफ वार का उलझा हुआ है और भारत के साथ अमेरिका की नजदीकी उसे खटक रही है।

पीओके होगा जंग का केंद्र
सूत्र ने बताया कि अगर पाकिस्तान भारत के कदम को जंग में बदलने की कोशिश करता है तो उसका केंद्र पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के होने की संभावना है। यहां चीन की बड़ी सामरिक व व्यापारिक दावेदारी है।
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सूत्र के मुताबिक, पाकिस्तान ने पीओके के इलाके में इकनॉमिक कॉरिडोर के अलावा कई खनन लीज चीनी कंपनियों को दे रखी है। इसके मद्देनजर भी चीन भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाली जंग में दखल देगा।

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