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विश्व में भारत को अपने युवाओं को दिशा देनी है तो वो स्वयंसेवा को करें निर्मित

Fri, 23 Nov 2018 05:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय दिल्ली में यूथ फॉर सेवा के वोलेंटिग समिट के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के डीजी डॉ वीरेंद्र मिश्रा ने कहा कि अगर आज इजराइल अपने जन सामान्य को सैन्य प्रशिक्षण देकर अपने समाज को सुरक्षित कर रहा है और वो वहां के जनता को देश और समाज के प्रति अपने दायित्व के प्रति सजग कर रहे हैं। वहीं भारत को कुछ बदल सकता है तो वोलेटरिज्म जो अपने आसपास को बदल सकता है। 

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वो देश के प्रत्येक कार्यप्रणाली को अपने कार्य से बदल सकता है। विश्व में अगर भारत को अपने युवाओं को दिशा देनी है तो वो स्वयंसेवा को निर्मित करें। उन्होंने कहा कि आज एनएसएस पचास साल का हो गया वर्षो से एनएसएस पौधारोपण करता है लेकिन उन पौधों को संवारने का काम हम ने नहीं किया गया है। अगर आप वोलेटरिज्म को प्रमोट नहीं करेंगे तो हम दूसरों पर निर्भत हो जाएंगे। 
 
वहीं कार्यक्रम में ओएनजीसी फाउंडेशन के सीईओ किरण डीएम ने कहा कि भारत पुरातन काल से भारत मे वोलेटरिज्म का मॉडल रहा है। लेकिन कालांतर में हम सब भूल गए है अब पुनः आवश्यकता है कि भारत के युवा दुनियां में अपने वोलेटरिज्म के माध्यम से समाज में सजगता प्रदान करें। 
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वहीं कार्यक्रम के सयोजक अदीबा ने कहा कि आज का कार्यक्रम रिसर्च बेस है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के बच्चों ने कॉलेज के अंदर रिसर्च किया कि जो कॉलेज वोलेटरिज्म करता है उन्हें समाज मे क्या-क्या बदलाव आए है और वोलेटलीम को कैसे प्रमोट किया जाए। इसपर गहनता से चर्चा किया गया है।
 
वहीं कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय के उपकुलपति राणाप्रताम सिंह और मदन पोराकी यूथ फॉर सेवा के स्वातिराम, आयुष ,सुधाकर ,अश्वती साक्षी गोपाल आदि मौजूद रहे ।

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