दिल्ली सरकार के चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। रविवार को एकसाथ एक ही स्थान पर 146 मरीजों का वमन (उल्टियां) कर्म किया गया। ्र
वमन आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा विधा में प्रयोग किया जाने वाला एक प्रधान कर्म है जिसके द्वारा शरीर में संचित विषाक्त द्रव्यों को वमन कराके बाहर निकाला जाता है। पिछले वर्ष छह मार्च को आयोजित शिविर में 100 मरीजों का वमन कार्य किया गया था।
चरक संस्थान के चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार कफ विकारों की चिकित्सा के लिए यह एक उपयोगी क्रिया है। वमन के द्वारा सांस रोग, सोरियासिस, सफेद दाग, कील मुहांसे, एग्जिमा, त्वक विकारों में तथा थायरायड, बांझपन जैसी गंभीर एवं जटिल बीमारियों का इलाज भी वमन क्रिया से संभव है।
भविष्य में होने वाले कफ विकारों की संभावना को रोकने के लिए बसन्त ऋतु में वमन कर्म का प्रयोग स्वस्थ लोगों में भी कराया जाता है। रविवार को चरक संस्थान की ओर से आयोजित चिकित्सा शिविर में अधिकतर लोग त्वचा रोग के विकारों से पीड़ित थे।
इस अवसर पर पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण गुप्ता, कायाचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एन.आर. सिंह, डॉ. विशाखा वेताल, डॉ. पंकज कटारा, डॉ. अनूप जैन, डॉ. पुष्पा शर्मा, डॉ. सीमा एहलावत, डॉ. आर.एन. गर्ग के अलावा संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।