आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में ट्रैफिक जाम व प्रदूषण को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया है। पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने दिल्ली मेट्रो के किराए 6 महीने के अंदर दोगुने कर दिए। आम आदमी पार्टी ने हर स्तर पर इस प्रस्ताव का विरोध किया था क्योंकि हमें पता था कि इसकी वजह से जनता को समस्या होगी। दिल्ली की सड़कों पर जाम और प्रदूषण की समस्या की बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो किराया बढ़े हुए दो साल से अधिक का समय हो गया है। बढ़े किराए की वजह राइडरशिप के आंकड़ों पर सीधा प्रभाव पड़ा है। मार्च 2017 के मुकाबले 3 लाख यात्री कम हो गए है। मार्च 2017 में दिल्ली मेट्रो की राइडरशिप 28 लाख यात्री प्रतिदिन थी। दिसंबर 2018 में यह संख्या सिर्फ 25 लाख रह गई प्रतिदिन 3 लाख यात्रियों की कमी। इस अवधि के दौरान दिल्ली मेट्रो की कुल लंबाई 212 किलोमीटर से बढ़कर 327 किलोमीटर हो गई है। 55 प्रतिशत की कुल वृद्धि हुई है।
दिल्ली मेट्रो के फेस-3 के पूरा होने पर राइडर शिप का निर्धारित लक्ष्य 40 लाख यात्री प्रतिदिन था। इस लिहाज से 15 लाख यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। पूरे विश्व में जिन भी शहरों में मेट्रो सेवाएं चलाई जाती हैं वहां पर उनके किराया का निर्धारण उस शहर की न्यूनतम मजदूरी के आधार पर किया जाता है। सिंगापुर की तुलना में दिल्ली मेट्रो के किराए दोगुने हैं।