दीवार पर खून के निशान बयां कर रहे संघर्ष
दीवार पर खून के निशान उसका संघर्ष बयां कर रहे हैं। आखिर में वह नीचे जा गिरा। इधर, दूसरी तरफ घर में गोवर्धन पूजा पर मौजूद परिवारीजन को आग का पता लगा तो वह आग बुझाने में जुट गए। फिर कुछ देर में पीछे के मकान वाले सूचना लेकर आए कि आपके यहां से कोई बच्चा हमारी छत पर गिरा है, जिसके बहुत खून बह रहा है। तब उसे परिवारीजन, पड़ोसी, पुलिस लेकर निजी अस्पताल गए, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
यह सवाल सबको कर रहे परेशान
अभी तक पूरा घटनाक्रम संदिग्ध बना हुआ है। आग लगने से किशोर झुलसा नहीं तो उसके खून कैसे बह रहा था। मकान के बाएं तरफ का मकान बराबर का है बच्चा उसकी छत पर ना जाकर दो मंजिल कम नीचे बने मकान की तरफ क्यों लटका। बच्चा तीसरी मंजिल से एक मंजिल ऊपर खून से लथपथ छत पर गया दूसरी मंजिल पर जहां परिवारीजन मौजूद थे नीचे क्यों नहीं आया। यह सवाल सबको परेशान कर रहे हैं।
किसी को समझ नहीं आ रहा घटनाक्रम
तीसरे तल पर लगी आग से पूरा सामान जलकर राख हो गया है। यहां तक छात्र का मोबाइल भी मौके पर जला हुआ मिला है। किशोर विवेश अग्रवाल (17) के पिता मनोज अग्रवाल का कहना है कि तीसरे तल की बालकनी की तरफ कमरे में दरवाजे के कुंडे के पास जाली कटी हुई मिली है। आशंका है कि कोई बालकनी से जाली काटने के बाद दरवाजा खोल कमरे में दाखिल हुआ है। विवेश के ताऊ राजेश अग्रवाल का कहना है कि उनको भी घटनाक्रम समझ में नहीं आ रहा है। जिस तल पर आग लगी है उसमें किताबों के अलावा माचिस तक नहीं थी। घटना के बारे में पुलिस ज्यादा कुछ बोलने से बच रही है। सेक्टर-24 थाना प्रभारी अरविंद कुमार का कहना है कि परिवारीजन घटना से सदमे में हैं। ज्यादा कुछ बता नहीं पा रहे हैं। सभी तथ्यों पर जांच की जा रही है।