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दूसरा पहलूः जिनसे है सुरक्षा का अहसास, उनसे ही बढ़ रही तकरार

Sat, 28 Nov 2020 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा राजीव कुमार, नई दिल्ली
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demo pic... - फोटो : PTI
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जिन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से लोगों को सुरक्षा का एहसास होता है, उन्हीं को लोगों के हिंसा का शिकार भी होना पड़ रहा है। यहां तक कि विरोध में कुछ पुलिसकर्मियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। राजधानी में आए दिन सुरक्षा में तैनात, कॉल पर जाने वाले और तलाशी अभियान पर मौजूद पुलिसकर्मियों के लोगों के हमले का सामना करना पड़ रहा है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों को रोकने की कोशिश करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को इसका सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है। 

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इस वर्ष दिल्ली हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी लोगों के गुस्से के शिकार हुए। जिसमें हवलदार रतनलाल को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा और एसीपी अनुज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं रजोकरी और रघुवीर नगर में टेंपो और कार को रोकने का खामियाजा एसीपी संकेत कौशिक और एएसआई महावीर सिंह को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

इसके अलावा आए दिन पुलिसकर्मी लोगों के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। मसलन सिविक सेंटर पर प्रदर्शन के दौरान कमला मार्केट एसीपी की उंगली तोड़ दी गई। कुछ दिन पहले ही गुस्साए लोगों ने इंद्रलोक चौकी पर हमला कर दिया था। जिसमें बचाव के लिए पुलिसकर्मियों को हवा में फायरिंग तक करनी पड़ी। 
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अगर कोई पुलिसकर्मी गलत कर रहा है तो इसकी शिकायत आला अधिकारियों से करें। कानून अपने हाथ में लेकर अपनी मुश्किलों को और नहीं बढ़ाएं। सरकारी काम में बाधा पहुंचने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त है और उन पर सख्ती से कार्रवाई होती है। 
- डॉक्टर ईश सिंघल, प्रवक्ता दिल्ली पुलिस

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ट्रैफिक पुलिसकर्मियों संग सबसे ज्यादा वारदात 

मारपीट की ज्यादातर घटनाएं ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ होती है। नियम की अनदेखी करने वाले वाहन चालक किसी तरह से पुलिस की नजरों से बचकर निकलना चाहते हैं। कई बार जब ट्रैफिक पुलिसकर्मी उन्हें रोकने का प्रयास करते हैं तो चालक उन्हें गंभीर रूप से घायल कर फरार हो जाते हैं। आये दिन ऐसे वीडियो सामने आते हैं जिसमें कार को रोकने के दौरान कार चालक ट्रैफिक कर्मियों को कुचलने की कोशिश की जाती है। ऐसे ही एक मामले में रघुवीर नगर में एएसआई महावीर सिंह को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। वहीं धौलाकुआं इलाके में कार चला रहा एक युवक सिपाही महिपाल को चार सौ मीटर तक बोनट पर चढ़ाकर घसीटता रहा था। 

सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले 
2019     221
2020 (अक्तूबर तक)    170

इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों की गई जान 
  • 24 फरवरी 2020 : चांदबाग में हिंसा के दौरान हवलदार रतनलाल की गोली मारकर हत्या, हिंसा के दौरान शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा और एसीपी अनुज कुमार पर जानलेवा हमला। 
  • 26 जुलाई 2020: रजोकरी फ्लाईओवर पर टेंपो रोकने के दौरान एसीपी संकेत कौशिक को कुचला, घटनास्थल पर मौत 
  • 18 अगस्त 2020: रघुवीर नगर में आई-20 कार को रोकने का इशारा करने पर चालक ने एएसआई महावीर सिंह पर चढ़ाई कार, 11 दिन इलाज के बाद एएसआई ने तोड़ा दम। 
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