फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Year Ender 2024: राजधानी की शख्सियतों का देश ने माना लोहा, दिल्लीवालों ने अपनी चमक बिखेरी, काम को मिली पहचान

Sat, 28 Dec 2024 08:55 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

साल 2024 में अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले दिल्लीवालों ने अपनी चमक बिखेरी। इनके काम को पहचान मिली। 
विज्ञापन
Year Ender 2024 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली की शख्सियतों का साल 2024 में देश ने लोहा माना। अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले दिल्लीवालों ने अपनी चमक बिखेरी। इनके काम को पहचान मिली। इन सफलताओं ने इन्हें आगे और भी संजीदगी से काम करने को प्रेरणा भी दी है।

विज्ञापन

छुट्टी प्रबंधन के लिए उल्लास को मिला इनाम 
रेलवे में उप मुख्य कार्मिक अधिकारी उल्लास कुमार ने छुट्टी प्रबंधन, हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम मॉड्यूल को डिजाइन करने और विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है। इससे रेलवे कर्मचारियों के कामकाज में सुधार हुआ है। इसका आखिरी फायदा रेलवे के मुसाफिरों को हुआ है। रेल कर्मियों की संतुष्टि का स्तर बढ़ने के साथ रेल सेवाओं में सुधार के उनके कामकाज को पहचान दिलाने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उल्लास को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया। उल्लास ने भारतीय रेलवे में इस प्रणाली को लागू करने में भी मदद की है। यही नहीं, उल्लास ने बाहरी एजेंसियों के साथ डाटा साझा करने के लिए सिस्टम को एकीकृत करने पर भी बेहतरीन काम किया है।

पढ़ाई के साथ बच्चे के पूर्ण विकास पर जोर
बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके संपूर्ण विकास पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। राजकीय बाल उच्च माध्यमिक विद्यालय में राजनीति विज्ञान के शिक्षक खेमेंद्रर सिंह इसी नजरिए से अपने बच्चों को शिक्षा देते हैं। उनकी कोशिश यही रहती है कि स्कूली पढ़ाई के साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों को भरकर उनकी पूरी शख्सियत को निखारा जाए। बच्चों के प्रति इसी अनूठी सोच के लिए उन्हें इस साल दिल्ली सरकार के राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। वह बताते हैं कि उनकि हर वक्त कोशिश यही रहती है कि बच्चों को इस तरह से निखारा जाए कि वह अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों से भी पार पा सकें। खेमेंद्रर सिंह पुरस्कार पाने के बाद वह अपनी जिम्मेदारी को और बढ़ा हुआ पा रहे हैं।

कानून की कामयाबी जीवन के बदलाव में
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट की अधिवक्ता जूही अरोड़ा के लिए कानून की कामयाबी सिर्फ केस जीतने से नहीं है, बल्कि यह समाज में लाए गए बदलाव और पीड़ित को इंसाफ दिलाने में की गई कोशिशों में है। वकील का संवेदी होना मौजूदा वक्त में ज्यादा अहम है। इसी भावना से वह केस विशेष से जुड़ती हैं। तभी उनको इस साल सरदार पटेल सम्मान से पुरस्कृत किया गया। इससे पहले 2022 में उनको नेशनल बार एसोसिएशन द्वारा इमर्जिंग लॉयर आफ द इयर से नवाजा गया था। एडवोकेट  अरोड़ा दिल्ली विवाद समाधान सोसाइटी की दिल्ली उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के पैनल वकील के रूप में मध्यस्थ हैं। 

उर्जा प्रबंधन में कायम की मिसाल 
इंजीनियर विशाल आर. डेकाटे भारतीय रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर हैं। इस वक्त उनकी चर्चा ऊर्जा प्रबंधन को लेकर है। खासतौर से इसलिए भी कि इनके नवाचार ने कार्बन क्रेडिट दिलाने का काम किया है। डेकाटे ने दिल्ली स्थित रेल भवन में ऊर्जा प्रबंधन के अपने तरीके से 2023 में करीब 486.180 यूनिट बिजली बचत की। इसकी कीमत करीब 41.32 लाख रुपये बैठती है। इन्होंने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया। नवीनीकरणों के दौरान समय पर बिजली संबंधी कार्य सुनिश्चित करने में मददगार साबित हुए। रेल भवन में एयर कंडीशनिंग सिस्टम को बदलवाया। इसके अतिरिक्त इन्होंने बिजली और अग्नि संरक्षा को प्राथमिकता दी।

अभिनय हमारे जीवन से कभी अलग नहीं होता
संस्कृति व शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए 2024 में ‘आर्ट ऑफ इम्प्लीमेंटेशन’ पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सच्चिदानंद जोशी एक प्रसिद्ध लेखक, रंगमंच कलाकार और शिक्षाविद हैं। डॉक्टर जोशी इस वक्त वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव हैं। उनका मानना है कि जीवन में हम सब अभिनय कर रहे हैं। हर कोई पति, पत्नी, माता, पिता, बॉस, कर्मचारी या मैनेजर है। अभिनय हमारे जीवन से कभी अलग नहीं होता। अभिनय की खूबसूरती यह है कि इसके जरिए संचार सबसे प्रभावी ढंग से होता है।
विज्ञापन

डॉक्टर जोशी ने मीडिया, संचार, इतिहास, संस्कृति, शिक्षा समेत दूसरे प्रासंगिक मुद्दों व विषयों पर विस्तार से लिखा है। कई प्रतिष्ठित संस्थानों में संचार, लिंग संवेदनशीलता, पुनरुत्थान के लिए अनुसंधान, व्यक्तित्व विकास, कला और संस्कृति पर व्याख्यान दिया है। वह कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, रायपुर में 10 सालों तक कुलपति रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें