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सुइसाइड नोट में है सलाखों के पीछे छिपे कई राज

Tue, 11 Aug 2015 07:45 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
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तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले एक कैदी की जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस को मिले सुसाइट नोट के मुताबिक कैदी ने जेल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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पुलिस को जांच में कैदी के सुसाइड नोट की कॉपी मिली है जबकि वास्तविक सुसाइड नोट की खोज की जा रही है। इस लेटर में पीड़ित संदीप ने जेल अधकारियों द्वारा कष्ट पहुंचाने, पैसे मांगने, दबाव ड़ालने और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

ये लेटर मिलने के बाद पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर पुलिस थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। लेटर में पीड़ित ने लिखा है कि वह तनाव में था क्योंकि उसे झूठे मर्डर केस में फंसाया गया था।
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"तिहाड में एक अधिकारी पिछले तीन महीने से मेरा शोषण कर रहा था और पैसा मांग रहा था। वह मुझे टॉर्चर करता था क्योंकि में एक सेवादार के तौर पर काम कर रहा था। वह मुझे हमेशा फर्जी केस जैसे जेल में मोबाईल और ब्लेड रखने के जुर्म में फंसाने की धमकी देता था।"

'मां...मैं बहुत तनाव में हूं'

"वह मुझे कसूरी वार्ड में शिफ्ट करने की भी धमकी देता था। 24-25 जुलाई की रात को 7 अन्य कैदियों ने उसे पीटा। वे चाहते थे कि मैं उनके फोन अपने पास छिपाकर रखूं लेकिन मैनें मना कर दिया।

कुछ हफ्ते पहले उसने तिहाड़ डायरेक्टर जरनल को भी लिखा था कि उसे अलग सेल में भेज दिया जाए लेकिन वो पत्र अधिकारियों के सामने आ गया। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और उसका शोषण जारी रहा।"

पीड़ित आगे लिखता है, "जेल अधिकारी ने मुझे ब्लेड अटैक की भी धमकी दी। मां...मैं बहुत तनाव में हूं।"

पुलिस के मुताबिक 32 वर्षीय ये कैदी 2012 में जफर कला से एक मर्डर केस के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह जेल नंबर-1 में था लेकिन 3 अगस्त को उसे कसूरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। जबकि आत्महत्या का खुलासा 4 अगस्त सुबह साढे पांच बजे हुआ, जब जेल अधिकारी ने दरवाजा खोला।
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अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं जांच टीम

पुलिस अधिकारी की मानें तो मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट धिरेंद्र राणा को इसके लिए बुलाया गया। जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तो कैदी के बिस्तर के सुसाइड नोट की कार्बन कॉपी बरमाद हुई।

धीरेंद्र राणा और जांच टीम ने जेल अधिकारियों से संदीप की कसूरी वार्ड में शिफ्ट करने और सुसाइड नोट की वास्तविक कॉपी को लेकर पूछताछ की है।लेकिन जेल अधिकारियों के जवाब से जांच टीम संतुष्ट नजर नहीं आ रही है।

वहीं डीआईजी (जेल) मुकेश प्रसाद इस केस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि इसमें मजिस्ट्रट जांच चल रही है। जबकि डीसीपी पश्चिम, पुष्पेंद्र कुमार के मुताबिक फिलहाल सेक्शन 306 और आईपीसी - 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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