राजधानी के एक सरकारी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल पर कार्यकाल के अंतिम दिन दाग लग गया। मयूर विहार स्थित पॉकेट-बी सर्वोदय कन्या विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन निलंबित कर दिया गया। सुबह की शिफ्ट में कार्यरत वाइस प्रिंसिपल गोमती देवी के लिए शुक्रवार को खुशी का दिन था। लंबे अरसे की सेवा के बाद स्कूल स्टाफ ने उन्हें विदाई दी लेकिन देर शाम उनकी खुशी पर उस समय ग्रहण लग गया, जब विभाग ने सेवानिवृत्ति पत्र देने की बजाय निलंबन का आदेश थमा दिया।
गोमती देवी को स्कूल में टीचर्स लर्निंग मैटीरियल के पैसे में भ्रष्टाचार करने का दोषी पाया गया। उनके खिलाफ शिकायत मिलने पर उपमुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे। जांच के लिए बनाई टीम ने उन्हें मामले में दोषी पाया। जिसके बाद शुक्रवार को उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
दरअसल, मामला यह है कि स्कूलों में टीचर्स लर्निंग मैटीरियल के लिए प्रत्येक शिक्षक को 500 रुपये मिलते हैं। वाइल प्रिंसिपल ने शिक्षकों को केवल 350 रुपये ही दिए। बाकी हर शिक्षक के हिस्से के 150 रुपये खुद रख लिए। शिक्षकों को बताया गया कि 150 रुपये जीएसटी का काटा गया।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जिला उप शिक्षा निदेशक ने तीन प्रिंसिपल व एक एकाउंट ऑफिसर की टीम बनाकर जांच करवाई, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया। शिक्षकों ने टीम को बताया कि उन्हें 500 की जगह केवल 350 रुपये ही दिए गए। जांच की खबर पहले से ही सभी को पता थी लेकिन अब तक कार्रवाई न होने पर उनको स्कूल से विदाई दी गई।