दिल्ली की एक अदालत ने शिष्या से दुष्कर्म मामले में आरोपी दाती महाराज व उसके तीन भाइयों को अग्रिम जमानत दे दी। इन लोगों को बुधवार को अदालत में पेश होना है। साकेत जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीलम सिंह ने मदन लाल राजस्थानी उर्फ दाती महाराज, उसके भाई अर्जुन, अशोक व अनिल को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के दो-दो जमानती की शर्त पर अग्रिम जमानत दी है।
इसके साथ ही आरोपियों को दिल्ली-एनसीआर से बाहर नहीं जाने, अपना पासपोर्ट जमा करवाने और पीड़िता से मिलने या उसके इलाके में न जाने की हिदायत दी है। अदालत ने कहा कि चूंकि इस मामले में पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है और जांच के दौरान कभी इन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके अलावा इस केस की जांच सीबीआई भी कर रही है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को तीन माह में जांच पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन यह अवधि भी समाप्त हो चुकी है।
ऐसे हालात में आरोपियों को अग्रिम जमानत प्रदान की जाती है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दाती व उसके भाइयों को गिरफ्तार किए बिना ही 1 अक्तूबर 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस का कहना है कि उसे आरोपियों की गिरफ्तारी लायक साक्ष्य नहीं मिले हैं। केवल पीड़िता के बयान के आधार पर ही आरोप पत्र दाखिल किया है।