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देश की राजधानी में रोज चोरी होते हैं 67 वाहन, यकीन नहीं तो इस रिपोर्ट को पढ़िए

Thu, 17 Sep 2020 04:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक पाण्डेय, नई दिल्ली

सार

  • लॉकडाउन और अनलॉक प्रक्रिया में भी सक्रिय रहे चोर
  • उत्तर पूर्वी राज्यों में ठिकाने लगाए गए चोरी के वाहन
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vehicle theft
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विस्तार
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लॉकडाउन और अनलॉक की प्रक्रिया में बेशक पुलिस ने सख्ती कर रखी है, लेकिन वाहन चोर वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। कड़ी सख्ती के बाद भी दिल्ली में बीते आठ महीने में प्रतिदिन करीब 67 वाहन चोरी हुए। लग्जरी से लेकर बुलेट, स्पोर्ट्स बाइक व स्कूटी तक पर हाथ मारा गया। इन वाहनों को उत्तर पूर्वी राज्यों के अलावा पश्चिमी यूपी में ले जाकर बेच दिया गया। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस साल मामलों में कमी दर्ज की गई है। 

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आंकड़ों के मुताबिक, एक जनवरी 2020 से 31 अगस्त के बीच 16,968 वाहन चोरी हुए। हर दिन के हिसाब से यह आंकड़ा करीब 67 बैठता है। 2019 के आंकड़ों की बात करें तो इस अवधि के बीच कुल 26546 वाहन चोरी हुए। यानी, प्रतिदिन 110 वाहन चोरी हुए।

पुर्जों का है करोड़ों का कारोबार
ज्यादातर मामलों में वाहन चोरी उन्हें पुर्जों में बांट दिया जाता है, जिसका कारोबार करोड़ों में है। पहले वाहन बरामद होने पर पुलिस चोरी करने वालों तक आसानी से पहुंच जाती थी, लेकिन पुर्जों की बिक्री बढ़ने से वाहन और चोरों का पता लगाना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है।
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तड़के देते हैं वारदात को अंजाम
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाएं रात दो से तड़के चार बजे के बीच होती हैं। अब तक पकड़े गए ज्यादातर वाहन चोरों ने खुलासा किया है कि यह समय ही उनके लिए मुफीद रहा। क्योंकि, उन्हें लगता है कि इस अवधि में सड़कों पर पुलिस न के बराबर होती है और लोग भी गहरी नींद में होते हैं। वाहन चोरी कर उन्हें किसी सुरक्षित पार्किंग में खड़ा कर दिया जाता है। इसके बाद मौका लगते ही उसे शहर से बाहर ले जाया जाता है। अब तक मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादनगर, मुरादाबाद, संभल, मेवात और हापुड़ आदि जगहों पर चोरी के वाहनों को पुर्जों में बदलने का पता चला है। पुलिस ने बीते छह महीने में वाहन चोरी के आरोप में 117 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

दुपहिया वाहनों पर होती है नजर
चोरों की दुपहिया वाहनों पर पैनी नजर होती है। इसका प्रमुख कारण है कि दुपहिया वाहनों को चोरी के बाद छिपाना और बेचना आसान होता है, जबकि चौपहिया वाहनों में मुश्किल होती है। एक आंकड़े के मुताबिक चोरी के वाहनों में 70 फीसदी संख्या दुपहिया वाहनों की है।


बरतें ये सावधानी

  • कोशिश करें कि अपने वाहनों को पार्किंग में ही खड़ा करें और उसमें सिक्योरिटी अलार्म जरूर लगवाएं।
  • कार में गियर लॉक लगाकर कुछ हद तक चोरी की आशंका को कम किया जा सकता है।
  • दुपहिया वाहन में व्हील लॉक जरूर लगवाएं। यदि रात को गली में वाहन खड़ा करते हैं तो उसमें लोहे की जंजीर व ताला लगा सकते हैं।
  • कार के शीशों पर यदि नंबर लिखवा दिया जाए तो भी उसके बरामद होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
  • वाहन में जीपीएस सिस्टम जरूर लगवाएं, ताकि पुलिस चोरों तक जल्द पहुंच जाए।


ये है स्थिति

वर्ष वाहन चोरी
2020 16968
2019 47444
2018 46433
2017 40972
2016 38644
2015 32729
2014 23384
2013 14916
नोट : 2020 के आंकड़े एक जनवरी से 31 अगस्त तक के हैं।

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