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जिस एमबीबीएस कॉलेज में अनन्या दीक्षित ने लगाई फांसी, वहां कई और छात्रों की भी ऐसे ही गई जान

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ananya dixit
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बरेली के श्रीराम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज (एसआरएमएस) में अब तक मौतों के आठ मामले सामने आ चुके हैं।  आखिरी मामला जनवरी 2018 में ही सामने आया था। यहां मौत का पहला मामला सितंबर 2002 में सामने आया था।
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1- 18-9-2002 को एसआरएमएस कॉलेज में योगेश मिश्रा नाम के द्वितीय वर्ष के छात्र की कथित रूप से जहर खाने से मौत हो गई।
2- 1-7-2011 को अंतिम वर्ष की गाजियाबाद की छात्रा अनिका सिंघल फंदे से लटकती पाई गई।
3- 27-12-2013 को दीपक त्रिपाठी नाम के छात्र ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली।
4- 10-1-2013 एसआरएम के द्वितीय वर्ष का छात्र सय्यद हसन मेंहदी संदिग्ध हालात में मृत पाया गया।
5- 28-5-2015 को तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका सिंह गर्ल्स हॉस्टल में फंदे से लटकती पाई गई।
6- 12-7-2016 को प्रथम वर्ष के छात्र यश कुमार अपने हॉस्टल रूम  में फंदे से लटकता पाया गया। विसरा रिपोर्ट में जहर खाने की बात सामने आई।
7- 6-9-2017 को अनन्या दीक्षित अपने हॉस्टल रूम में फंदे से झूलती पाई गई। यह वाकया उसके कॉलजे में एडमिशन लेने के 12 दिन बाद ही हुआ।
8- 18-1-2018 को हर्षित नाम का छात्र संदिग्ध अवस्था में मृत पाया गया। कई अखबारों में प्रकाशित खबर के अनुसार हर्षित के कमरे से स्मैक पाई गई थी।
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मानवाधिकार आयोग ने यूपी के डीजीपी और बरेली के एसएसपी को किया तलब

मेडिकल छात्रा अनन्या दीक्षित की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और बरेली के एसएसपी को तलब किया है। आयोग ने आदेश दिया कि है श्रीराम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज (एसआरएमएस) में अब तक हुईं मेडिकल छात्रों की मौतों की जांच रिपोर्ट भी पेश की जाए।

डीजीपी मुख्यालय को दिए नोटिस में आयोग ने कहा है कि अनन्या की मौत के प्रकरण में एसएसपी बरेली का जवाब संतुष्ट करने वाला नहीं है। एसआरएमएस में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अनन्या का शव छह सितंबर को कॉलेज के हॉस्टल के कमरा नंबर चार में पंखे से लटका मिला था।

पुलिस ने मामला खुदकशी का मानकर पोस्टमॉर्टम कराया था, जबकि अनन्या के पिता नोएडा के सेक्टर 63 निवासी अनादि दीक्षित ने रैगिंग और अनन्या को कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रताड़ित करने के आरोप में भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अनादि को जब पता चला कि अनन्या से पहले भी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में नौ छात्रों की मौत हो चुकी है तो उन्होंने उनके अभिभावकों से संपर्क किया।

अनादि पुलिस के निष्पक्ष जांच न करने और कॉलेज प्रशासन का जांच में अपेक्षित सहयोग न मिलने पर मानवाधिकार आयोग, बाल संरक्षण आयोग और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इस पर मानवाधिकार आयोग ने चार सप्ताह के अंदर सभी केसों से संबंधित जांच रिपोर्ट तलब की। आयोग ने इस मामले में जारी नोटिस में कहा है कि डीजीपी कार्यालय और एसएसपी बरेली से जांच रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

आयोग ने यह भी कहा है कि पूरे मामले में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी आयोग के नोटिस का जवाब नहीं दिया है। अब आयोग ने चीफ सेक्रेटरी (यूपी) को भी नोटिस जारी किया है।
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