प्रद्युम्न हत्याकांड में गिरफ्तार स्कूल के बस कंडक्टर अशोक के बेटों को अपने पिता के रिहा होने का इंतजार है। दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद अब बेटों का सब्र टूटने लगा है।
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'पापा ने किसी को नहीं मारा है'
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- फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
पिता की बात सुनकर भावुक हो जाते हैं। उनका कहना है कि उसके दोस्त अक्सर पूछते हैं कि तेरे पापा ने प्रद्युम्न को मारा है क्या? उसकी सफाई देते-देते वह थक गया है। जिन दोस्तों के साथ कभी हंसी-खुशी दिनभर खेला करता था, अब वह इस सवालों से बचने के लिए मुंह मोड़ने लगा है। बता दें कि 08 सितंबर को सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई थी। जिसमें पुलिस ने प्रद्युम्न के हत्या के आरोप में बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया है।
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इस मामले की जांच सीबीआई के पास जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने नया खुलासा करते हुए कंडक्टर अशोक की जगह उसी स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र को मुख्य आरोपी माना है। इसके बाद से अशोक के परिवार राहत महसूस कर रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
अशोक की पत्नी ममता, पिता अमीचंद और दो बेटे केशव व रोहन को अशोक के रिहा होने का इंतजार है। बेटा केशव कहता है कि पापा ने किसी को नहीं मारा है। उन्हें फंसाया गया है। दो महीने से पापा को नहीं देखा है।
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रयान स्कूल मर्डर, आरोपी कंडक्टर का परिवार
- फोटो : ani
उनके दोस्त अक्सर पूछते हैं, तेरे पापा ने ही प्रद्युम्न को मारा है क्या? यह बातें बहुत चुभती हैं। मेरे पापा ऐसे नहीं हैं। यह कहते-कहते केशव भावुक हो जाता है। बता दें कि अशोक का परिवार जेल में उससे कई बार मिलने के लिए गया है, लेकिन जेल में बच्चे अभी तक नहीं गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले इन बच्चों का कहना है कि पापा के जेल जाने के बाद पढ़ाई छूट गई है। अब पढ़ाई नहीं करते हैं। घर से भी बाहर निकलना कम हो गया है। जब भी बाहर जाते हैं तो लोग घूरते रहते हैं। कई बार कहते हैं कि यह अशोक को बेटा है।
अब ऐसा लगता है कि हमने क्या जुर्म कर दिया, जबकि वह बेकसूर हैं। उन्होंने किसी को नहीं मारा है। अशोक की पत्नी दो बच्चों की मां ममता कहती हैं कि पुलिस वालों ने बच्चों की जिंदगी में जहर घोल दिया है। समाज के लोग भी बच्चों को गुनाहगार के बच्चों की नजर से देखते हैं।