रामलीला के मंच पर भगवान श्री राम से युद्ध करने और माता सीता का हरण करने वाला असल जिंदगी में न केवल नेशनल स्तर के वेट लिफ्टर हैं, बल्कि वह भगवान राम के भजन भी लिखते हैं।
सुल्लामल रामलीला में रावण के पात्र का अभिनय करने वाले प्रदीप चतुर्वेदी उर्फ ‘गुलगुला’ निजी जिंदगी में भजन, गीत और कहानियां भी लिखते हैं।
श्री गुरु राम कृपा रामलीला-कृष्णलीला संस्थान से जुड़े प्रदीप 20 साल से रावण का रोल निभा रहे हैं। प्रदीप नेशनल वेट लिफ्टर हैं। कई राज्य स्तरीय वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिताएं जीत चुके हैं।
1994 में पावर लिफ्टिंग में प्रथम रहे हैं। इसके अलावा स्टेज लेवल पर बेंच प्रेस में प्रथम स्थान रहा है। नगर-निगम में निकाय कर्मचारी रहे प्रदीप रामलीला के लिए हर साल अपना संचित अवकाश लेते हैं।
उनसे यह पूछने पर कि क्या असल जिंदगी में भी वह रावण की तरह हैं तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि लोगों में यह गलतफहमी है कि रावण बुरा इंसान था। रावण जितना विद्वान इस धरती पर कोई नहीं था।
अहंकार की वजह से आदमी राक्षस बन जाता है। ताकत के मद में ही रावण का विनाश हुआ। गुलगुला संस्कृत, ज्योतिष, गायन, लेखन और नृत्य आदि में पारंगत हैं।
उन्होंने समसामयिक विषयों पर कई कविताएं भी लिखी हैं, जिसमें उन्होंने ‘दामिनी कांड’ की वजह संस्कार की कमी को बताया है।