एसआइटी शनिवार को नरेश की सही हालात की जानकारी लेने के लिए सफदजरंग अस्पताल नहीं जा पाई। टीम पूरे दिन मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकालने व उन लोगों से बात करने में लगी रही, जो नंबर नरेश के फोन में अंकित हैं।
हालांकि पुलिस का एक अधिकारी सफदरजंग अस्पताल में तैनात है, ताकि नरेश की स्थिति का सही पता चलता रहे। इसके अलावा वहां उसकी सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मी भी तैनात किए हुए हैं।
नरेश के परिजनों पर भी पुलिस पूरी तरह से निगरानी रखे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों को इस बात का शक है कि नरेश को उसके परिजन पागल घोषित कराना चाहते हैं, ताकि उसे गिरफ्तार होने से बचाया जा सके।
मामले को उलझाने का प्रयास
पुलिस इस मामले को उलझाने का प्रयास कर रही है। जब आरोपी ही गिरफ्तार कर लिया तथा यह साबित भी हो गया कि छह हत्याएं उसने ही की हैं और यह भी साबित हो चुका है कि वह दिमागी रूप से परेशान रहता है। उसके बाद भी इन जांचों का क्या फायदा। पुलिस विभाग उन पुलिस अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिनके क्षेत्र में यह हादसा हुआ है। पुलिस को चाहिए कि सीधे तौर पर पहले उन सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुुकदमा दर्ज करे, जिनके क्षेत्र में यह वारदात हुई है तथा उसके बाद किसी दूसरे जिले के पुलिस अधिकारियों से जांच कराई जाए। -सुभाष कत्याल, पूर्व मंत्री हरियाणा सरकार