मॉडर्न जेल भोंडसी में कैदी खूबसूरती निखारने का ‘हुनर’ सीख रहे हैं। इंडियन विजन फाउंडेशन (आईवीएफ) की ओर से उनको अलग-अलग तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वे बाहर निकल कर दोबारा से आपराधिक वारदात को अंजाम नहीं दें, इसके लिए तरह-तरह की कवायद की जा रही है। जेल के भीतर मसाज सेंटर है।
महिलाओं के लिए अलग है। सीखने वाले कैदी ही अपनी अलग टीम को इस काम में दक्ष कर रहे हैं। अब तक 16 कैदी इसमें दक्ष हो चुके हैं। अब वे दूसरों को सिखा रहे हैं।
मॉडर्न जेल में 60 से अधिक महिला कैदी हैं। इनको चॉकलेट बनाने में निपुण किया जा रहा है। उनकी ओर से बनाई गई चॉकलेट देश के कोने-कोने में भेजी जाती है।
आईवीएफ की निदेशक मोनिका धवन कहती हैं कि इनकी चॉकलेट दिवाली व अन्य त्योहार पर ज्यादा खपत होती है।
डिप्टी जेलर रमेश कुमार ने बताया कि जेल में बंद कैदियों को रोजगार सिखाने व बाहर जाकर अपराध के चक्कर में न पड़ने के लिए इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इंडियन विजन फाउंडेशन की ओर से जेल प्रशासन के साथ मिलकर यह अभियान चलाया जा रहा है।
यह प्रमुख प्रशिक्षण
कटिंग, टेलरिंग, कंप्यूटर, वेल्डिंग, मोटर वाइंडिंग आदि।
जेल में कैदियों की संख्या 2153 हैं। इनमें 65 महिला कैदी हैं।
700 कैदी सजायाफ्ता हैं। अन्य विचाराधीन हैं।