यह सुनकर भले अजीब लगे लेकिन यह सच है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री का दफ्तर जल्द ही अफसरों से विहीन होने वाला है। यानी कुछ ही समय में दिल्ली सचिवालय के तीसरे फ्लोर पर स्थित सीएम अरविंद केजरीवाल के दफ्तर में एक भी अफसर नहीं होगा जिसका मतलब है कि कामकाज ठप होने की भी नौबत आ सकती है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार सीएम दफ्तर में तैनात दो आईएएस अफसरों पर केस दर्ज होने के कारण वो निलंबित कर दिए गए हैं। जबकि अन्य तीन में से किसी को ट्रांसफर कर दिया गया है तो किसी ने छुट्टी की अरजी दी है तो एक ने अपने घर जाने की अरजी लगाई है।
इसका सीधा सा मतलब है कि जल्द ही सीएम केजरीवाल के दफ्तर में एक भी अफसर नहीं होगा। इस खबर पर एक सरकारी सूत्र ने कहा कि, 'इस तरह केजरीवाल का दफ्तर(सीएमओ) व्यावहारिक रूप से कमजोर हो जाएगा। और केजरीवाल के स्टाफ में कुल चार सदस्य बचेंगे। लेकिन कोई अफसरशाह नहीं होगा और ना ही सरकार में उनकी कोई भागीदारी होगी। चूंकि अफसर सरकार चलाने और उसके कामकाज में प्रमुख भूमिका निभाते हैं और यह सरकार को पंगु बना देने का प्रयास लगता है।'
वहीं सरकार के एक प्रवक्ता ने भी इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि 'जल्द ही सीएमओ में कोई अधिकारी नहीं होगा।'