आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने पश्चिम बंगाल के नारायणगढ़ और ओडिशा के भद्रक के बीच तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि नई 155 किमी लाइन का निर्माण होने पर इस मार्ग पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। तीसरी लाइन का निर्माण होने पर अतिरिक्त क्षमता सृजित करने के साथ वर्तमान और अतिरिक्त यातायात से निपटने में भी मदद मिलेगी। सरकारी अनुमानों के अनुसार, परियोजना पर 1866.31 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे 2023-24 तक पूरा किया जाएगा। इससे 37.2 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तीसरे फेज को मंजूरी
समिति ने बृहस्पतिवार को मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तीसरे चरण (ए) को मंजूरी दे दी। योजना के तहत वातानुकूलित कोचों के अलावा स्वचालित दरवाजों का निर्माण होना है। इस पर 30,849 करोड़ रुपये लागत अनुमानित है। परियोजना पांच साल पूरी होगी। करीब 80 लाख लोग प्रतिदिन मुंबई की 3,000 लोकल ट्रेनों में सफर करते हैं।
सरकार ने सैट में तकनीकी सदस्य के पद को मंजूरी दी
केंद्र ने प्रतिभूति अपीलीय पंचाट (सैट) मुंबई में तकनीकी सदस्य का पद सृजित करने की मंजूरी दे दी। इससे सैट में एक अतिरिक्त पीठ का गठन किया जा सकेगा। इससे भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी), भारतीय बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (इरडा) और पेंशन निधि विनियामक व विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से सैट के समक्ष बड़ी संख्या में आने वाली अपीलों का त्वरित निपटान हो सकेगा। इसका फायदा पेंशन भोगियों, निवेशकों और आम लोगों को मिलेगा। यह पद भारत सरकार के सचिव स्तर का होगा। पद के लिए वेतनमान 2.25 लाख रुपये (निर्धारित) या सातवें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के स्तर-17 के मुताबिक होगा।
सरकार ने देश में आवागमन के स्वच्छ, एक दूसरे से जुड़े और टिकाऊ आवागमन के साधनों को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तनकारी आवागमन व बैटरी भंडारण पर राष्ट्रीय मिशन स्थापित करने को मंजूरी दे दी। यह 2024 तक पांच साल की वैधता के साथ चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (पीएमपी) तैयार करेगा। कार्यक्रम के तहत देश में कुछ वृहद स्तरीय निर्यात प्रतिस्पर्धी एकीकृत बैटरी व सेल विनिर्माण गीगा संयंत्र को समर्थन दिया जाएगा। यह कार्यक्रम एक योजना मुहैया कराएगा जो मूल्य श्रृंखला के स्थानीयकरण के लिए आवश्यक क्षमता में जरूरी निवेश करने के लिए उद्योग जगत को स्पष्ट संकेत देगा।
ओएसएच पर जर्मनी के साथ एमओयू पर कैबिनेट की मंजूरी
केंद्र ने व्यवसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य (ओएसएच) पर जर्मनी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दे दी। इस एमओयू को पिछले साल रिन्यू किया गया था। समझौते के तहत दोनों देश आर्थिक गतिविधि के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकें और विभिन्न पहलुओं पर एक-दूसरे की मदद करेंगे।