- मिरांडा हाउस से लेकर आर्ट फैकल्टी तक कई कॉलेजों से आईं छात्राओं ने निकाला मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। क्यूटी नहीं, क्रांति हूं। काली की बेटी हूं, रात भी मेरी, राह भी मेरी। बेटा पढ़ाओ वरना घर बैठाओ, देवी का दर्जा देने वाले मुझे पहले इंसान मान। उठो द्रौपदी शस्त्र उठाओ, अब से रण तुम्हारा है। राजा बेटा सुधार लो, रानी बेटी राज कर लेगी, बड़े-बड़े शहरों में ऐसी छोटी सोच नहीं चलेगी जैसे पोस्टर-बैनर के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के अलग-अलग कॉलेज की छात्राएं बड़ी संख्या में सोमवार को नॉर्थ कैंपस में मार्च के लिए जुटी।
यह मार्च मिरांडा हाउस के गेट नंबर-4 से लेकर आर्ट फैकल्टी तक पुलिस की कड़ी सुरक्षा में निकाला गया। छात्राओं ने हम औरतें आजाद है के नारे लगाएं। यह मार्च किसी छात्र संगठन के बैनर तले आयोजित नहीं हुआ था। छात्राओं ने सुरक्षित सड़कों, बेहतर लाइटिंग और सुरक्षा के नाम पर अपनी आजादी पर लगी पाबंदियों को खत्म करने की मांग की।
इस मार्च के दौरान पितृसत्ता खत्म करो, बस बहुत हो गया स्लोगन के साथ नारेबाजी की गई। आस्था कुंज पार्क में दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद छात्राओं के नेतृत्व में यह तीसरा स्वतंत्र मार्च था। इससे पहले लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज के पास भी मार्च आयोजित किए गए थे।