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मानसरोवर हत्याकांड : पुलिस ने नहीं बल्कि इस महिला ने उठाया था जुर्म से पर्दा

Wed, 20 Dec 2017 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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mansarovar murder case
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मानसरोवर पार्क में जिंदल परिवार की चार महिलाओं समेत पांच की हत्याओं से पर्दा गार्ड राकेश कुमार की पत्नी कृष्णा ने उठाया है। जी हां, दिल्ली पुलिस के सूत्र यह दावा कर रहे हैं।
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दावा है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा अपराध शाखा ने नहीं उठाया है। बेटे अनुज व दामाद विकास को बख्श देने की बात करते हुए पांच दिसंबर को कृष्णा शकरपुर स्थित अपराध शाखा के दफ्तर पहुंची थी।

हालांकि शुरुआत में वह खुद भी वारदात में शामिल होने का दावा कर रही थी, लेकिन बार-बार बयान बदलने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। इधर, कृष्णा के खुलासे के बाद आनन-फानन में अपराध शाखा ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर केस से पर्दा उठाने का दावा किया। खुद पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच की टीम की तारीफ की, लेकिन अब दिल्ली पुलिस की इसमें खूब फजीहत हो रही है।
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mansarovar murder case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पांच दिसंबर को कृष्णा शकरपुर में एक एसआई के पास पहुंची। उसने बताया कि उसकी आत्मा पर बड़ा बोझ है। वह कई दिन से सोई नहीं है। एसआई के सामने उसने अपने बेटे, दामाद और उसके साथियों का जिक्र किया।

एसआई ने इंस्पेक्टर, एसीपी, डीसीपी और ज्वाइंट सीपी को मामले की सूचना दी, तुरंत आला अधिकारी शकरपुर पहुंच गए। कृष्णा के खुलासे के बाद आनन-फानन में रातोंरात पुलिस ने कृष्णा के बेटे अनुज, दामाद विकास व उसके अन्य साथियों को उठा लिया।

अगले ही दिन पुलिस ने प्रेसवार्ता कर मीडिया को हत्याकांड से पर्दा उठाने की बात कर वाहवाही लूट ली। जल्दबाजी के चक्कर में पुलिस हत्याकांड से जुड़े सुबूत भी नहीं जुटा पाई। सूत्रों का कहना है कि यही वजह है कि सोमवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सभी आठ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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mansarovar murder case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने मामले में लूटपाट का दावा किया, लेकिन पुलिस न तो रकम बरामद कर पाई और न ही बहुत ज्यादा जेवरात बरामद कर पाई। यहां तक कि वारदात में इस्तेमाल सारे चाकू भी बरामद नहीं हुए।

वहीं कुछ लोगों का तो यहां तक दावा है कि किसी षड्यंत्र के तहत राकेश के परिवार ने हत्याकांड का गुनाह अपने सिर ले लिया। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि हत्याकांड से पर्दा उठाने के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों को समय से पहले तरक्की देने की बात की जा रही थी।

उसी को लेकर हत्याकांड से पर्दा कैसे उठा, उसे लीक कर दिया गया। हालांकि अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कृष्णा के खुलासे वाली बात से इनकार कर रहे हैं। गौरतलब है कि एमएस पार्क इलाके में सात अक्तूबर को शाहदरा के जिंदल ऑयल मिल्स परिसर में उर्मिला जिंदल, उनकी तीन बेटियां संगीता गुप्ता, नूपुर जिंदल, अंजलि जिंदल और गार्ड राकेश की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।

वारदात के दो माह बाद पुलिस ने मृत गार्ड के बेटे अनुज और दामाद विकास समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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