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लैंड पूलिंग पॉलिसी की जनसुनवाई में निकला किसानों का गुस्सा, हुए वापस

Tue, 03 Jul 2018 12:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लैंड पूलिंग की जनसुनवाई - फोटो : अमर उजाला
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लैंड पूलिंग पॉलिसी पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सोमवार को जनसुनवाई शुरू की। इस दौरान पहुंचे किसानों ने प्राधिकरण की नई योजना पर सवाल उठाते हुए नाराजगी व्यक्त की।

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इतना ही नहीं वे जन सुनवाई बीच में ही छोड़कर बाहर निकल आए। उनका कहना था कि नई पॉलिसी में ऐसा कुछ भी नहीं, जिस पर आपत्ति या सुझाव दिया जाए। डीडीए को पुरानी पॉलिसी को ही लागू करना चाहिए।

शाम करीब चार बजे तक चली जनसुनवाई में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इस बीच लोगों को डीडीए के अधिकारियों ने समझाया और बताया कि बगैर आपत्ति या सुझाव लिए फैसला नहीं होगा। किसानों का कहना था कि उनके पास पांच एकड़ से कम जमीन है।
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कई किसान ऐसे भी थे जिनके पास दो से तीन एकड़ जमीन है और उनके परिवार में हिस्सेदार भी कई हैं। ऐसे में 70 फीसदी की शर्त का सवाल ही नहीं उठता। इसके अलावा ईडीसी को किसानों ने अन्याय बताया।

जनसुनवाई में किसानों के अलावा बिल्डिंग डेवलपर भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि लैंड पूलिंग पॉलिसी के नाम पर साल 2013 के अनुसार कई लोगों ने फ्लैट्स की बुकिंग कर दी है। इसमें करोड़ों रुपये बुकिंग में लोगों का लग चुका है।

अगर नई पॉलिसी आती है तो करोड़ों रुपये अधर में लटक सकते हैं। फेडरेशन ऑफ हाउसिंग सोसायटी एंड डेवलपर्स के सचिव सतीश अग्रवाल का कहना है कि अधिसूचना जारी होने के बाद ही बुकिंग हुई थी। इसलिए कोई भी अफसर इसे अवैध नहीं बता सकता।

नई पॉलिसी आने के बाद फ्लैट महंगा हो जाएगा। जिन लोगों ने 60 लाख का फ्लैट बुक कराया है, उनके लिए अब 90 लाख रुपये तक कीमत पहुंचेगी। ऐसे में नई पॉलिसी लोगों को नुकसान ही दे सकती है।

आज भी होगी सुनवाई
डीडीए के अनुसार मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे से शाम तक जनसुनवाई चलेगी। इस दौरान करीब 300 से ज्यादा लोगों को बुलाया है। सभी से नई लैंड पूलिंग पॉलिसी पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे जा रहे हैं। इनकी वीडियोग्राफी भी की जा रही है। डीडीए ने लोगों से अपील की है कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं किया जाएगा। इसलिए लोग इस प्रक्रिया में सहयोग देकर अधिकारियों की मदद करें।

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