हाल ही में तिरंगे के रखरखाव को लेकर 11.57 लाख रुपये में टेंडर छोड़ा गया था, जिससे जिम्मेदारी तय की गई थी कि तिरंगा हवा से फटता है या फिर मैला होता है तो तत्काल बदला जाएगा, लेकिन यहां पर तिरंगा फटने के करीब 18 घंटे बाद सोमवार को पोल से उतारा गया।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता एसपी वार्ष्णेय का कहना है कि तिरंगे के रखरखाव के लिए टेंडर जारी हो गया है। सहगल फर्म को टेंडर दिया गया है लेकिन फर्म से डेढ़ लाख की एफडी नहीं मिली थी। इसलिए पूरे पेपर हैंडओवर नहीं हो सके हैं। अब फर्म को बुलाया कर सारे पेपर पूर कर लिए जाएंगे।