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'भगत सिंह को भी नहीं मिली थी ऐसे फांसी, जैसे मोदीराज में मिली AAP विधायकों को सजा'

Sun, 21 Jan 2018 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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gopal rai - फोटो : G. pal
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आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि अंग्रेजों ने भी जब भगत सिंह, राजगुरू को फांसी सुनाई थी तो उनका भी पक्ष सुना था, मगर हमारे विधायकों को तो सुना ही नहीं गया।

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मुख्य चुनाव आयुक्त ए. के. ज्योति जी जो कि मोदी के चहेते अधिकारियों में से एक है उन्होंने रिटायरमेंट से दो दिन पहले 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर मोदी जी को गिफ्ट दिया है।

गोपाल राय ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेस कर मुख्य चुनाव आयुक्त पर जमकर हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग के एक पत्र का हवाला देकर कहा कि 23 जून को हमें चुनाव आयोग से आखिरी नोटिस मिला जिसमें कहा या था कि सुनवाई जारी रहेगी।

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हमें कोई नोटिस मिला न कोई तारीख, तो हम कैसे जाते

gopal rai - फोटो : अमर उजाला
सुनवाई की तारीख बताई जाएगी। मगर उसके बाद हमारे विधायकों को बिना सुने ही उनकी सदस्यता रद्द कर दी। गोपाल राय ने यह भी साफ किया की यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि विधायक गए ही नहीं।

उन्होंने कहा कि जब हमें कोई नोटिस तारीख मिली ही नहीं तो हम कहा जाते। जब-जब हमें नोटिस दिया गया या बुलाया गया हमने वकीलों के माध्यम से अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली ही नहीं देश के 11 राज्यों पंजाब, यूपी, हरियाणा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश गुजरात में भी संसदीय सचिव है। वहां तो बकायदा मोटी सैलरी भी दी जाती है। मगर वहां की शिकायतों पर सुनवाई तक नहीं होती है।

उन्होंने कहा कि हमने संसदीय सचिव रखें मगर पहले ही आदेश में नियुक्ति के सयम उन्हें किसी भी तरह के सैलरी या सुविधा नहीं देने की बात कही थी। पार्टी ने यह भी तर्क रखा कि जब एलजी ने उस नियुक्ति को मंजूरी नहीं दी।
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gopal rai - फोटो : अमर उजाला
सरकार ने उन्हें एक भी रूपया नहीं दिया तो फिर वह लाभ के पद के दायरे में कैसे आ गए। यह देश मोदीराज में जहां दिल्लीवालों को हमें समर्थन देने की सजा मिल रही है। गोपाल राय ने कहा कि पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।

हम संघर्ष करके यहां आएं है। इस तरह के मनमाने फैसले से अगर वह डराने की कोशिश करेंगे तो हम डरेंगे नहीं। जनता हमारी ताकत है। हम जनता के बीच जाएंगे।

फिर संघर्ष करेंगे। यह फैसला देश के लिए ठीक नहीं है। संविधानों के खिलाफ जाकर यह फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त ने किसी को खुश करने के लिए दिया है।
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