दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले में सरिता विहार थाना पुलिस ने एक हत्या का मामला सुलझाया है। पुलिस ने संजय वर्मा की हत्या के मामले में उनके भाई ओमप्रकाश वर्मा और पत्नी चंदा वर्मा को गिरफ्तार किया। यह हत्या पैतृक संपत्ति विवाद के कारण हुई थी। पुलिस ने 21 अक्तूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की।
21 अक्तूबर 2026 को सरिता विहार थाने को झगड़े से संबंधित पीसीआर कॉल मिलें। पुलिसकर्मी तुरंत जसोला गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। संजय वर्मा गंभीर रूप से घायल मिले, जिन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया और वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पत्नी सोनी उर्फ नरगिस और मां जमना देवी को पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल ले जाया गया।
घटनास्थल पर दक्षिण-पूर्व जिला अपराध टीम और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने जांच की। मृतक की मां जमना देवी ने ओमप्रकाश वर्मा और चंदा वर्मा पर मारपीट का आरोप लगाया। उनके बयान और चिकित्सकीय रिकॉर्ड के आधार पर प्राथमिकी संख्या 515/2026 दर्ज की गई। मामले की जांच निरीक्षक नीरज कुमार को सौंपी गई।
जांच और गिरफ्तारी
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। आरोपियों को पकड़ने के लिए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर टीमें तैनात की गईं। निरीक्षक नीरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने तलाशी अभियान चलाया। एसीपी सरिता विहार अनिल शर्मा और पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने अभियान की निगरानी की। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। गुप्त मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। चंदा वर्मा को 21 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। ओमप्रकाश वर्मा को 22 अक्तूबर 2026 को सराय काले खां बस अड्डे से पकड़ा गया। दोनों आरोपियों को मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। अपराध में उनकी अलग-अलग भूमिकाओं की आगे जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इनमें वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा और संबंधित सीसीटीवी फुटेज शामिल है। अपोलो अस्पताल से मृतक के कपड़ों वाला सीलबंद पैकेट मिला। घटनास्थल से संदिग्ध बालों के नमूने और खून लगी सामग्री एकत्र की गई। इन सभी साक्ष्यों की पड़ताल जारी है।