देशभर में धूमधाम से दिवाली मनाई गई। जैसे-जैसे शाम ढ़ली हवा की गुणवत्ता बदतर होती चली गई। विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम का तापमान में गिरावट के बाद स्थिरता है और हवा की बदतर गुणवत्ता में भी।
खासतौर से उत्तर भारत में हवा की गुणवत्ता स्थिति ज्यादा खराब है। या यूं कहें कि हवा की गुणवत्ता खतरे के निशान को पार कर गई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा है कि वे जल्द ही एनसीआर के अधिकारियों के साथ पराली जलाने के मुद्दे पर बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए हर संभव मदद दी जाएगी।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने दीवाली के दूसरे दिन कहा कि हवा में सुधार हुआ है। 2016 के मुकाबले 2017 में खराब वायु गुणवत्ता वाले दिन घटे हैं। वहीं वैज्ञानिकों से प्रदूषण रहित पटाखे विकसित करने के लिए कहा गया है।
दीवाली के दूसरे दिन पुणे, मुंबई और अहमदाबाद सभी जगह हवाएं खराब
- फोटो : अमर उजाला
सफर के मुताबिक दीवाली के दूसरे दिन पुणे, मुंबई और अहमदाबाद सभी जगह हवाएं खराब और गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। वहीं अगले दो से तीन दिन तक दिल्ली छोड़कर अन्य जगहों पर हवा में सुधार होगा।
वहीं सीपीसीबी के ताजा वायु गुणवत्ता सूचकांक में गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, लखनऊ गुरुग्राम, भिवाड़ी जैसे शहरों में हवा की स्थिति दीवाली के दूसरे दिन ही बेहद खराब हो गई।
सीपीसीबी के वैज्ञानिक ई व प्रभारी डॉ डीपी साहा ने कहा कि इस वर्ष मौसम ने साथ नहीं दिया वरना हम दीवाली पर और बेहतर हवा हासिल कर सकते थे लेकिन अगली दीवाली में बेहतर हवा के लिए और ज्यादा प्रयास किए जाएंगे।
ऐसे हुई दिल्ली की हवा बदतर
नासा सैटेलाइट से हुई पराली जलने की पुष्टि
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सफर के मुताबिक 19 अक्तूबर और दीवाली के बाद 20 अक्तूबर को पर्टिकुलेट मैटर 2.5 (हवा में मौजूद बारीक खतरनाक कण) की मात्रा काफी बढ़ गई। 19 अक्तूबर को पीएम 2.5 औसत 174 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
वहीं 20 अक्तूबर को 416 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह 100 फीसदी पटाखे दगाए जाने के बाद ही संभव है। पीएम 2.5 का सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। वहीं सफर ने कहा कि पीएम 2.5 का उच्च स्तर 19 अक्तूबर को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच रिकॉर्ड किया गया।
22 अक्तूबर के बाद हो सकता है सुधार
सफर ने कहा कि दीवाली की रात हवा की गति काफी मंद थी। इसके कारण हवा में प्रदूषक तत्व फैलने के बजाए एक ही जगह रुक गए। वहीं अभी बाहर से आने वाले कारक (पराली जलाने से) का दिल्ली की हवा पर कोई फर्क नहीं है। हवा में बढ़ रही नमी और सुबह के तापमान में गिरावट जारी है। वायु गुणवत्ता में सुधार की गुंजाइश 22 अक्तूबर से हो सकती है।
दीवाली के दूसरे दिन प्रमुख शहरों में प्रदूषण स्थिति-
शहर एक्यूआई रंग कोड स्थिति
दिल्ली 403 गहरा लाल -गंभीर
आगरा 257 नारंगी-खराब
लखनऊ 255 नारंगी-ख्रराब
कानपुर 219 नारंगी -खराब
गाजियाबाद 412 गंभीर
गुरुग्राम 397 लाल-बहुत खराब
रोहतक 356 लाल- बहुत खराब
भिवाड़ी - 318 बहुत खराब
नोएडा 402 गहरा लाल-गंभीर
स्रोत - सीपीसीबी (19 से 20 अक्तूबर, शाम 4 बजे से 4 बजे तक रिकॉर्ड, 24 घंटे पर आधारित वायु गुणवत्ता सूचकांक)