अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मंगलवार की सुबह पूरी औद्योगिक नगरी योग के जश्न में डूब गई। सेक्टर-12 स्थित हुडा ग्राउंड और खेल परिसर में योग गुरु स्वामी रामदेव ने एक लाख से अधिक लोगों को योग कराया।
खेल परिसर में भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं, जिसके जरिये लोग स्वामी को देखकर योग क्रियाएं कर रहे थे। बूढ़े हों या बच्चे, महिलाएं हो या पुरुष, सभी में रिकॉर्ड बनाने के लिए गजब का उत्साह दिखाई दे रहा था।
शिविर में दिल्ली, एनसीआर समेत मथुरा, राजस्थान और दक्षिण हरियाणा के जिलों से लोग पहुंचे थे। एक लाख से अधिक लोगों के योग करने के विश्व रिकॉर्ड में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन भी शामिल हुए।
खास बात यह है कि बाबा फरीद की इस नगरी में एक साथ छह रिकॉर्ड बनाए गए। इन रिकॉर्डों की घोषणा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के जज ऋषि कुमार और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारी डॉ. मनीष विश्रोई ने की।
मंगलवार सुबह 4:25 पर स्वामी रामदेव का शिविर में आगमन हुआ। उनके साथ जूना अखाड़ा प्रमुख महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि और स्वामी के सहयोग आचार्य बालकृष्ण भी थे। इसके बाद संगीतकार राजीव थानवी ने गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
स्वामी रामदेव ने ओम का उच्चारण करते हुए योग की क्रियाएं कराना शुरू किया। सुबह 5 बजे पूरा मैदान योग साधकों से खचाखच भर गया। मैदान के बाहर योग के लिए बंद कराई गई इंडियन ऑयल की सड़क भी पूरी तरह से भर गई। इस मौके पर विशेष मेहमान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, स्वामी रामदेव, महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, आचार्य बालकृष्ण आदि ने योग विश्वकोष नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
सोशल मीडिया के जरिये जुड़े सवा करोड़ लोग
स्वामी रामदेव ने बताया कि देश-दुनिया में आयोजित हुए योग उत्सव में जो लोग नहीं पहुंच पाए, वह भी योग से जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को करीब सवा करोड़ लोग विभिन्न सोशल साइटों के जरिये उनको फॉलो करते रहे। इतनी बड़ी तादाद में लोगों ने योग से जुड़कर विश्व योग दिवस को यादगार बनाया।
भोर में 3 बजे ही मैदान में पहुंचे
योग रिकॉर्ड बनाने में भागीदार बनने के लिए शहरवासियों में गजब का उत्साह दिखाई दिया। ग्राउंड में स्थान पाने के लिए शहरवासियों ने भोर में 3 बजे ही मैदान में पहुंचना शुरू कर दिया था।
सुबह साढ़े चार बजे तक पूरा मैदान भर गया। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में पलवल, मेवात, गुड़गांव व दक्षिण हरियाणा के अन्य जिलों, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा और राजस्थान से भी लोग आए थे। स्वामी रामदेव ने बताया कि करीब 5000 वाहनों से लोग शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इनमें 2000 बसें और 3000 निजी वाहनों से आए थे।
वालेंटियर नहीं संभाल पाए व्यवस्था
कहने को तो शिविर में पतंजलि योग संस्थान और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की ओर से व्यवस्था संभालने के लिए 2000 वालेंटियर लगाए गए थे, लेकिन लगातार बढ़ती जा रही भीड़ के कारण सारी व्यवस्था चरमरा गई। भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मैदान में बैठना तक मुश्किल हो रहा था।
भीड़ मीडिया गैलरी तक जा पहुंची थी। इस दौरान काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। मैदान में बैठने को लेकर साधकों और वालेंटियर्स के बीच खूब तू-तू मैं-मैं हुई।
बाद में पुलिसकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद कहासुनी को शांत कराया गया। यही नहीं जिन लोगों को मैदान में आने की जगह नहीं मिली अथवा किसी कारणवश मैदान तक नहीं पहुंच पाए, वह आसपास की ऊंची इमारतों न्यायिक भवन, खेल परिसर की छत और चारदीवारी पर खड़े होकर योग का आनंद लेते रहे।
टीशर्ट बेचने का लगाया आरोप
शिविर के अंतिम दिन शहर के आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे योग शिविर में पहुंचे थे। इनमें अधिकांश 60 साल से अधिक उम्र की महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने भी स्वामी के योग की सराहना की। पन्हेड़ गांव निवासी सौरभ ने संस्था के सदस्यों पर टीशर्ट बेचने तक का आरोप लगाया। उसका कहना था कि गांव के लिए करीब 200 टीशर्ट भेजी गई थीं, लेकिन किसी को नहीं मिली, बल्कि टीशर्ट बांटने वाले ने 50-50 रुपये लेकर टीशर्ट बेच दी।