दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड हाउस खाली करने के मामले में एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) की अपील पर याची व केंद्र सरकार की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। एजेएल ने हेराल्ड हाउस खाली करने संबंधी आदेश को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट के सिंगल जज ने 21 दिसंबर को अपने फैसले में दो सप्ताह के अंदर हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश एजेएल को दिया था। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को तीन दिन के भीतर लिखित दलीलें पेश करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन एजेएल 2008 में बंद कर चुका था और कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी गई थी।
कंपनी ने लीज की शर्तों का उल्लंघन कर हेराल्ड को किराये पर दिया था। उनका यह भी तर्क था कि यह संपत्ति समाचार पत्र प्रकाशन व प्रिंटिंग के लिए एजेएल को दी गई थी लेकिन उसने यह काम बंद कर दिया था।