भाजपा के सबसे बड़े स्टार कैंपेनर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान में वापसी के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी चुनावी मैदान से हट गए हैं। दोनों दलों के अन्य नेताओं के अलावा ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल आज भर प्रचार करेंगे लेकिन भाजपा व ‘आप’ के बीच अभी एक और कड़ा मुकाबला चुनाव प्रबंधन को लेकर है। जानकारों का मानना है कि कड़े मुकाबले के बीच शेष दो दिनों में जिसने भी बेहतर चुनाव प्रबंधन दिखाया वह बाजी मार लेगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के तमाम सर्वे में पहले भाजपा की बढ़त दिखाने के बाद कल से ‘आप’ की बढ़त के सर्वे आए तो भाजपा के रणनीतिकारों में खलबली मच गई। इसका असर प्रधानमंत्री की रैली में उनके भाषण में भी देखने को मिला। प्रचार बृहस्पतिवार को खत्म हो जाएगा और मोदी की आज यह आखिरी चुनावी रैली इस चुनाव के लिए थी। राहुल ने भी बुधवार को रोड शो में भीड़ जुटा कर अपना शो खत्म कर दिया। अरविंद केजरीवाल ने आज भी कई रैलियां कीं और अभी वे बृहस्पतिवार को भी मैदान में होंगे।
ऐसे में प्रचार समाप्त होने के कुछ घंटे पहले व उसके अगले 24 घंटों तक की योजना परिणाम की दिशा काफी हद तक तय करेगी। यानी चुनाव मैनेजमेंट में जो बाजी मारेगा, उसकी बढ़त तय है।
इस स्थिति को समझते हुए ही ‘आप’ व भाजपा ने इस बार बूथ मैनेजमेंट की जबर्दस्त तैयारी की है। ऐसे में बूथ मैनेजमेंट में भी दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला होगा। राजधानी में कुल 2527 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। नियमानुसार हर बूथ पर एक दल का एक ही एजेंट तैनात किया जा सकता है। लेकिन बूथ के बाहर दलों ने वोटरों को घर से लाने, पर्ची देने तक कार्यकर्ताओं को लगाया है।