आईएमटी मानेसर के सेक्टर एक की सोसायटी के प्रति लोगों में रोष है। आईएमटी सेक्टर-1 में घुसते ही बनी डेंसो सोसायटी के सामने सीवर का बदबूदार पानी ओवरफ्लो होने से वहां रह रहे लोगों का बुरा हाल है। लोगों को मुंह व नाक पर कपड़ा रखकर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
डेंसो सोसायटी में रहने वाले नितिन व यशपाल का कहना है कि सोसायटी प्रधान के साथ एचएसआईआईडीसी भी इस गंदगी से छुटकारा दिलाने में असमर्थ है। दोनों मिलकर लोगों की समस्याएं सुलझाने की बजाय और उलछा देते हैं। जिससे लोगों में रोष है।
सिडको सोसायटी के पीछे बने कुंड की बदबू भी लोगों को झेलनी पड़ रही है। गंदगी से परेशान निवासी यशवीर, नवल किशोर, रतन, विकास, अंकित, ललित व राजू का कहना है कि आरडब्ल्यूए प्रधान केवल लेन-देन के कामों में ही रूची लेते हैं। साफ-सफाई से उनका कोई लेना देना नहीं है। सोसायटी के पीछे सेक्टर एक का सारा कचरा डाला जा रहा है। जिससे गंदगी का अंबार लग गया है। गंदगी की बदबू से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
ग्रीन कैंपस सोसायटी में रहने वाले रमेश जांगड़ा, विरेंद्र वशिष्ठ का कहना है कि सोसायटी के पास हर दिन खाली हो रहे सेफ्टी टैंकों से निकलने वाली गंदगी की बदबू से जीवन नरक के समान बन गया है। जिससे सोसायटी में रहने लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
जीएच-52 सोसायटी के लोग भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उजाला शर्मा, यामिनी, रीटा शर्मा, सुधा शर्मा, नीतू व तन्नू का कहना है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे से सटी सोसायटी में गंदे पानी की बदबू से बुरा हाल है। आईएमटी सेक्टर एक मैन सड़क पर रात के समय स्ट्रीट लाइटें गुल रहती हैं। जिससे असामाजिक तत्व सैर कर रही महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने तक से नहीं चूकते हैं।
सोसायटी में सभी काम सूचारू रूप से चल रहे हैं। सोसायटी के लोग किसी भी तरह के कामकाज को आरडब्ल्यूए के साथ सांझा नहीं करते हैं। जिससे थोड़ी बहुत दिक्कत जरूर होती है।-देविंद्र यादव, प्रधान, आरडब्ल्यूए, आईएमटी सेक्टर एक, मानेसर